सांस रोक कर 60 राममूर्ति दंड – ब्रह्मचारी रामप्रसाद बिस्मिल जी की प्रिय दंड

सांस लेना और छोड़ना सही सही जिसको आजाए तो वो हमेशा स्वस्थ और बलवान रह सकता है कोई रोग उस मनुष्य के आस पास भी नही फटकेगा जो मनुष्य नियमित प्राणायाम करता होगा . दोस्तों ब्रह्मचारी राममूर्ति जी ने इसी प्राणायाम को देसी व्यायाम के साथ जोड़ कर एक अलग व्यायाम की रचना की. दोस्तों … Read more सांस रोक कर 60 राममूर्ति दंड – ब्रह्मचारी रामप्रसाद बिस्मिल जी की प्रिय दंड