सुबह जल्दी उठने के फायदे ब्रह्मचर्य के साधन पार्ट 1 Free Pdf Download

सुबह जल्दी उठने के फायदे brahma muhurta ka samay

सुबह जल्दी उठने के फायदे दोस्तों इन शब्दों से आप जान ही गए होंगे कि इस लेख में आपको कितनी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है मैं इसमें इतनी महत्वपूर्ण जानकारी आपको दूंगा कि आपको कहीं और यह जानकारी नहीं मिलेगी देखे दोस्तों यह part-1 है ब्रह्मचार्य के साधन का पार्ट 1 है क्योंकि सबसे पहले हमें सुबह जल्दी उठना पड़ता है जो व्यक्ति ब्रह्मचार्य का पालन करना चाहता है और हमेशा निरोगी और स्वस्थ रहना चाहता है उसे प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में ही उठ जाना चाहिए अर्थात 3:30 बजे और 4:00 बजे तक उठ जाना चाहिए यदि कोई व्यक्ति अपने आप को ब्रहाचारी कहता है तो उस व्यक्ति की परीक्षा करने का सबसे आसान और पहला साधन यह है कि वह सुबह 4:00 बजे के बाद में कभी सोता हुआ ना मिले। सुबह जल्दी उठने के फायदे

brahma muhurta ke labh


सुबह जल्दी उठने के फायदे  ब्रह्मचर्य के साधन पार्ट 1

दोस्तों स्वामी ओमानंद जी ने एक पुस्तकब्रह्मचर्य के साधन लिखी थी तो इस पुस्तकों को 11 भाग में लिखा गया था तो 11 के 11 भाग मैं लेख के माध्यम से और वीडियो बनाकर आपके सामने ला दूंगा जिससे कि अधिक से अधिक व्यक्तियों तक ब्रह्मचार्य के बारे में अधिक से अधिक जानकारी विस्तार से पहुंचे और वह पूरा पूरा लाभ उठा पाए।

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ब्रह्मचारी हो या गृहस्थ जो भी जीवन में उन्नति करना चाहता है उसे सबसे पूर्व प्रातः उठने का ही अभ्यास करना चाहिए मनु महाराज ने प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर आवश्यक कर्तव्य कर्म करने का इस प्रकार विधान किया है।

brahma muhurta ka samay kya hota hai

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर धर्म और अर्थ का चिंतन करना चाहिए अपने शरीर के क्लेशों और उनके कारणों पर विचार करना चाहिए और वेद के तत्वों का अध्ययन करना चाहिए।

सुबह जल्दी उठने के फायदे


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सुबह जल्दी उठने के फायदे एक अन्य स्थान पर भी ऐसा ही लिखा है
brahma muhurta time today in hindi

आयु की रक्षा के लिए ब्रह्ममुहूर्त में उठने और शरीर की चिंताओं को छोड़कर सोच स्नानादि करके स्वस्थ चित्त होकर ईश्वर का ध्यान आदि नित्य कर्मों को करें प्रात काल उठने से मनुष्य स्वस्थ रहता है उसको रोग नहीं होता अतः निरोग शरीर अधिक वर्षों तक कार्य कर सकता है प्रात काल उठने के असंख्य लाभ शास्त्रकारों ने बतलाए हैं।


सुबह जल्दी उठने के फायदे महर्षि दयानंद जी भी इस विषय में संस्कार विधि में लिखते हैं- brahma muhurat ka samay kya ha

brahma muhurta me kya karna chahiye

सदा स्त्री-पुरुष 10:00 बजे सो जाएं और रात्रि के पिछले पहर वह 4:00 बजे उठकर प्रथम हृदय में परमेश्वर का चिंतन करके धर्म अर्थ का विचार करना और धर्म अर्थ के अनुष्ठान व उद्योग करने में यदि कभी पीड़ा भी हो तथापि धर्म युक्त काम ना छोड़ना चाहिए किंतु सदा निरंतर उद्योग करके व्यवहारिक और परमार्थिक कर्तव्य कर्म की सिद्धि के लिए ईश्वर उपासना भी करनी कि जिस परमेश्वर की कृपादृष्टि और सहाय से महाकठिन कार्य भी सुगमता से सिद्ध हो सके।
सुबह जल्दी उठने के फायदे brahma muhurta ke labh

इसलिए प्रातः उठते ही सर्वप्रथम निम्न मंत्रों से ईश्वर की प्रार्थना करनी चाहिए यदि आप को ये मंत्र ना आए तो आप केवल ओ३म या गायत्री मंत्र से भी ईश्वर की प्रार्थना कर सकते हैं।

इन मंत्रों का अर्थ विस्तार पूर्वक जप करने से अधिक लाभ होता है इनका अर्थ महर्षि दयानंद कृत संस्कार विधि के ग्रह आश्रम प्रकरण में देख लेना बहुत प्राचीन काल से अथवा यों कहिए आदि सृष्टि से प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठने का विधान है बाल्मीकि रामायण इसमें प्रमाण है।

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सुबह जल्दी क्यों उठना चाहिए

राम और सीता जब पहर रात शेष रही तब वे उठे और नौकर चाकरों को सारे भवन को साफ कर सजाने की आज्ञा दी।

रात्रि के पश्चिमयाम व चौथे पहर का नाम ब्रह्ममुहूर्त है शास्त्रकारों ने इसी समय को अमृतवेला व देववेला भी कहा है यह ब्रह्म का अर्थात “ देवनदेवत्र” देवों के देव महादेव जिसका मुख्य और निज नाम ओ३म है के स्मरण करने का सर्वश्रेष्ठ समय है। देव लोक अर्थात विद्वान इस मुहूर्त में बिरहा की भक्ति व भजन में रत रहते हैं और उस समय प्रेममय प्रभु अपने सच्चे श्रद्धालु भक्तों पर आनंद अमृत की वर्षा करते हैं।

ऐसा प्रतीत होता है कि देव पूजा अर्थात ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना आदि सभी शुभ कार्यों के लिए ही ईश्वर ने इस उत्तम समय की रचना की है इस समय स्वभाव से ही पापी से पापी मनुष्य का भी ईश्वर भक्ति आदि शुभ कार्य में मन लगता है और असुरों में भी इस समय आसुरी वृत्ति का लोप हो जाता है राक्षसों में भी देवता बनने की प्रवृत्ति जागृत होती है इसलिए पशु-पक्षी आदि सभी प्राणी स्वभाव से ही प्रात: उठ जाते हैं नवजात बालक भी स्वयं में प्रातः उठकर हमें यह शिक्षा देता है कि प्रभु का यह पवित्र समय प्रमाद में पड कर सोने का नहीं है।

एक कवि ने अपने सुंदर शब्दों में कितना अच्छा लिखा है।

भोर भयो पक्षी गण बोले, उठो जन प्रभु गुण गाओ रे।

लखो प्रभात प्रकृति की शोभा बार-बार हर्षाओ र ।

प्रातः काल की संध्या जब तक नक्षत्र आकाश में रहे विधि पूर्वक करें और जब तक सूर्य का दर्शन ना हो गायत्री का अभ्यास जप करता रहे।

मनु महाराज भी लिखते हैं brahma muhurta me kya karna chahiye

अर्थात प्रातः काल की संध्या को गायत्री का को करता हुआ सूर्य दर्शन होने तक स्थिर होकर और सांयकाल की संध्या को नक्षत्र दर्शन ठीक ठीक होने तक बैठकर करें।

इसीलिए प्राचीन काल में सभी भारतवासी इस पवित्र ब्रह्म मुहूर्त में ईश्वर चिंतन, योगाभ्यास ही करते थे। इस अमृतवेला का सदुपयोग करने के कारण ही प्राचीन ऋषि महर्षि अमर पद मोक्ष की प्राप्ति करते थे।इसीलिए आज तक उनके यश और कीर्ति के गीत गाए जाते हैं जो प्रतिदिन बहुत प्रातः उठकर श्रद्धा पूर्वक ईश्वर का ध्यान करेगा वह देवमार्ग का पथिक बन कर मोक्ष पद को पाएगा। क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त का समय इतना अच्छा होता है कि इस समय यम नियमों की स्वयं सिद्धि होती है परस्पर का व्यवहार ना होने से हिंसा करने का या असत्य बोलने का अवसर ही नहीं आता। स्वभाव से अहिंसा और सत्य का प्रसार होता है। चोर भी अपनी चोरी से निवृत्त होकर इससे पूर्व भी अपने स्थान पर चले जाते हैं कामी पुरूष भी रात्रि में बहुत देर से सोने के कारण इस समय आलस्य प्रमाद में पड़े सोते व मक्खी मच्छर मारते रहते हैं अहिंसा, सत्य, असत्य, ब्रह्मचार्य आदि यम नियमो का स्वयं वातावरण होने से यह योगाभ्यास, ईश्वर भक्ति, का सर्वोत्तम समय है।


सुबह जल्दी उठने के फायदे brahma muhurta mein

किसी कवि ने ठीक ही कहा है-

अमृतवेला जाग पवित्र हो कर आसन ले जमा।

ईश्वर के गुण धारण करके, समीप दिन दिन होता जा।

प्रीति प्राण आधार की अपना रंग जमायेगी।।

भक्ति कर भगवान की काम तेरे जो आएगी।

पाप भरी जो आत्मा निश दिन दीन धुलती  जाएगी।।

इसी प्रकार इसी भाव को एक अन्य कवि ने कितने सुंदर शब्दों में कहा-

भगवान भजन करने को जो प्रात: समय उठ जाता है।

आनंद की वर्षा होती है दुनिया में वह सुख पाता है।।

देर तक सोने का नुकसान

जो सूर्य उदय के पश्चात अथवा दिन में सोता है उस सोने वाले के तेज़ को उदय होता हुआ सूर्य हर लेता है जैसे अपने शत्रुओं के तेज को एक तेजस्वी पुरुष ले लेता है।

तेज व वर्चस उस शक्ति व गुण का नाम है जिसके कारण मनुष्य सब प्रकार के उन्नति करता है तेज़ तत्व का स्वभाव ही आगे बढ़ना है हम थोड़े से आलस्य के कारण केवल प्रात काल न उठकर उन्नति के मूल तत्व को खोकर सर्वथा तेज हीन हो रहे हैं। कितने दुख और मूर्खता की बात है कि प्रातः काल का समय दिन का मूल्य बाल्यावस्था है जैसे बाल्यकाल में अच्छे व बुरे जैसे भी संस्कार डाल दिए जाते हैं उनका प्रभाव मरते समय तक रहता है संस्कारों की छाप अटल और अमिट है जो प्रातः काल की अमूल्य अमृतवेला को नष्ट कर देता है उसका संपूर्ण दिन ही नष्ट हो जाता है जैसे प्रातः काल बीतेगा वैसे ही संपूर्ण दिन की गति होगी।

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प्रातः काल उठने की बात छोटी सी दिखाई देती है किंतु इसका महत्व और फल बड़ा भारी है इसका अभ्यास पर्याप्त परिश्रम के पीछे पक्का होता है सदैव निरंतर नियम से प्रातः उठने वाले व्यक्ति बहुत थोड़ी संख्या में पाए जाते हैं किंतु महापुरुष बनने वाले ऐसे ही व्यक्ति होते हैं जैसे वृक्ष और भवन की जड़ और नीव भूमि में छुपी रहती है साधारणतया देखने वाले को इसका कोई महत्व नहीं प्रतीत होता किंतु मूल के अभाव में वृक्ष और नीव के बिना भवन टिक नहीं सकते इसी प्रकार प्रातः उठने का गुण छोटा सा दिखाई देता है किंतु यह अपने धारण करने वाले के जीवन को पवित्र और महान बना देता है इतने पर ऐसे भारी लाभप्रद गुण को कोई धारण ना करे तो उससे बढ़कर अभागा और कौन हो सकता है इस महत्व को प्रकट करने वाली महर्षि दयानंद जी के जीवन की एक घटना आती है घटना इस प्रकार है।-

एक दिन एक पादरी और एक मिशनरी महिला ऋषि दयानन्द महाराज से मिलने आए उनसे महाराज ने कहा कि धन की अधिकता जाति की अवनति का कारण हुआ करती है जैसा कि वह आर्य जाति के पतन का कारण हुई और उदाहरण रूप से कहा कि इसी कारण से अंग्रेजों की दिनचर्या बिगड़ती जाती है पहले हम जब सूर्योदय से पूर्व भ्रमण करने आया करते थे तो बहुत से अंग्रेज स्त्री पुरुषों को वायु सेवन करते देखते थे परंतु अब वह बहुत दिन गए उठते हैं इसलिए अब इनका राज्य नहीं रहेगा।
सुबह जल्दी उठने के फायदे

प्रातः काल ना उठने वाला मनुष्य स्वास्थ्य, आयु, बल, ब्रह्मचार्य, राजकाज सब कुछ खो बैठता है अतः प्रत्येक ब्रह्मचार्य प्रेमी तथा उनके चाहने वाले स्त्री-पुरुष को प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में ही उठना चाहिए।
सुबह जल्दी उठने के फायदे

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सुबह जल्दी उठने के फायदे दोस्तों यह लेख सभी के फायदे के लिए लिखा है इसलिए इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करना मत भूलना यदि आप अपनी संस्कृति को बचाना चाहते हैं तो अपना यह छोटा सा प्रयास मात्र शेयर करना बिलकुल भी मत भूलना ताकि अधिक से अधिक युवक युवतियां सुबह उठने के महत्व को समझें और देश की उन्नति में अपना योगदान दें। नमस्ते, ओ३म

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