विद्यार्थि की श्रेष्ठ दिनचर्या – ब्रह्मचर्य पूर्ण जानकारी – आदर्श सफल नियमित दिनचर्या

विद्यार्थि जीवन दिनचर्या केसी हो सम्पूर्ण जानकारी  आर्यवर्त जिसे आज दुनिया भारत के नाम से जानती है। इस भूमि पर एक से एक वीर और बलवान योद्धाओं ने योगियों ने महापुरुषों ने जन्म लिया है। आर्यावर्त कभी भी वीरो से रिक्त नहीं रहा है। विद्यार्थि जीवन श्रेष्ट होगा तो निश्चित ही राष्ट्र भी काफी तेजी से आगे बढेगा.

किसी भी देश को आगे बढ़ाने के लिए उसके बुद्धिशाली बलवान निर्भीक विद्यार्थि का बहुत ही अधिक योगदान होता है। यदि राष्ट्र में वीर बुद्धिमान और योग्य विद्यार्थि युवक-युवती नहीं होंगे तो राष्ट्र जल्दी ही गुलामी की जंजीरों में बन्ध जाएगा। आज का विद्यार्थि ही तो भविष्य के भारत का निर्माणकर्ता है.

आज इस आर्यावर्त को जरूरत है उन ब्रह्मचारी युवक युवतियों की जिनके अंदर राष्ट्र प्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी हो और वह समय आने पर अपना सब कुछ इस राष्ट्र और वैदिक धर्म के लिए बलिदान करने को हमेशा तैयार रहें। इस भारतवर्ष को फिर से विश्वगुरु इस राष्ट्र के ब्रह्मचारी, संयमी, जितेंद्रीय, सदाचारी, चरित्रवान, मेधावी, योगी युवक-युवती ही बना सकते हैं।

विद्यार्थियों की दिनचर्या नामक इस लेख में आपको सुबह से लेकर शाम तक की पूरी दिनचर्या बताऊंगा जो विद्यार्थि जीवन में काफी लाभदायक सिद्ध होगी।

आप इस जानकारी को विद्यार्थि जीवन के लेख में भी लिख सकते हो

विद्यार्थि की श्रेष्ठ दिनचर्या - विद्यार्थी जीवन कैसा हो - आदर्श सफल नियमित दिनचर्या

पुरे लेख की सुचना

विद्यार्थि जीवन के लिए ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व

यदि विद्यार्थि अपनी जीवनी शक्ति की रक्षा करना चाहते हैं अपने आप को बलवान बनाना चाहते हैं खुद को स्वस्थ बनाना चाहते हैं तो उन्हें ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाना चाहिए। 4 बजे के समय ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाना चाहिए।

विद्यार्थि प्रातः जागरण के समय क्या करें

विद्यार्थियों का स्वाध्याय बुद्धि पर ही टिका है यदि विद्यार्थियों कि बुद्धि तीव्र होगी तो वो सदैव अच्छे नंबरों से पास होंगे। और एक बात नम्बर ज्यादा आना महतवपूर्ण नही है महतवपूर्ण है आपका बुद्धिशाली बनना योग्य बनना फिर जीवन की सभी सफलताएं उन्हें आसानी से प्राप्त होंगी। ओर बुद्धि का मंत्र गायत्री मंत्र है इससे मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी बुद्धिशाली बन जाता है।

जब आप सुबह उठ जाए तो उसी समय अपने बिस्तर पर बेठा कर आंखे बंद करके 5 मिनट गायत्री मंत्र का जाप करें और इश्वर का धन्यवाद करे और उससे बुधि प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें. ऐसा करने से धीरे धीरे आपमें सात्विकता बढ़ने लगेगी। फिर आप अपने माता पीता को प्रणाम करे ।

विद्यार्थि के लिए ऊषापान का महत्व

उषापान का महत्व बहुत ही अधिक बताया गया है यदि आप सुबह उठकर उषापान करते हैं यानी ताजा जल पीते हैं तो आपको अत्यधिक लाभ मिलता है सुबह उठकर पानी पीने के फायदे ये है, आंखों के रोग खतम होते है, सिर के रोग खतम होते है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, काम भावना खतम होती है, पेट के रोग ठीक होते है अनेकों लाभ हमें मिलते है उषापान से।

अब सवाल ये उठता है कि पानी कितना पिए

सुबह आपको 2 गिलास पानी पीना चाहिए या अधिक पीना हो तो 3 गिलास पी सकते हो, ध्यान रहे यदि आप अत्यधिक पानी पिएंगे तो आप सुबह प्राणायाम ठीक से नहीं कर पाएंगे और हो सकता है ज्यादा पानी पीने के कारण आपको बीच में पेशाब के लिए भी उठना पड़े। इसी लिए सदैव मध्यम मार्ग ही अपनाइए।

पानी कुल्ला करके पिए य बिना कुल्ला किए

दोस्तो राजीव दीक्षित जी कहते थे सुबह उठने के बाद हमें बिना कुल्ला किए ही पानी पीना चाहिए जिससे सुबह को बासी लार हमारे पेट में जाकर अपना लाभ दे।

परंतु स्वामी ओमानंद जी ने कहा था कि सुबह उठ कर कुल्ला कर लेना चाहिए। काफी भाई बहन जो मुझसे कई सालो से जुड़े है मेरे यूट्यूब चेनल के माध्यम से तो वो मुझसे ये पूछते है कि स्वामी जी ने तो कहा है की कुल्ला करके पानी पियो ओर राजीव भाई ने कहा है कि कुला मत करो ऐसे ही पानी पियो। तो हम क्या करें.

इसका उत्तर ये है कि आज का मनुष्य भोजन नहीं खाता कूड़ा खाता है। मतलब तेज मिर्च मसाले, मास, सफेद नमक से भरपूर चीजे, लाल मिर्च, प्याज , लहसुन, ज्यादा तली हुई चीजे आदि आदि तो जब हम सोते है तो इनकी उष्णता ऊपर की तरफ होता है मुख कि तरफ , ओर फिर यदि आप बिना गला साफ किए सीधे ही पानी पीते है तो इन सब कि उषणता हमारे पेट में वापस चली जाती है। इसीलिए आपको कुल्ला करना चाहिए गला साफ करना चाहिए तभी सुबह पानी पीना चाहिए।

अब जो व्यक्ति केवल सात्विक चीजे ही खाते है शुद्ध भोजन ही खाते है तो ऐसे ही पानी पी सकते है। कोई दिक्कत नहीं है। परंतु सभी को एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि रात को सोने से पहले अच्छे से कुल्ला करके ओर गला साफ कर लेना चाहिए।

मल त्याग शौच आदी

अब उषापान के बाद नंबर आता है मल त्याग का । देखिए सुबह पानी पीने के बाद विद्यार्थियों को मल त्यागने के लिए जाना चाहिए । परंतु आज देखने में ये आता है कि ज्यादातर मनुष्य सुबह उठते ही चाए कॉफी पीते है फिर मल त्यागने जाते है जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है ये नियम सही नहीं है।

जो व्यक्ति सुबह मल त्यागने नहीं जाता ओर इससे पहले ही कुछ भी खा लेता है तो उसकी बुद्धि का नाश होता है।

विद्यार्थि को तो इस विषय पर अत्यधिक सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि विद्यार्थियों को तेज बुद्धि की जरूरत है और सुबह मल का त्याग ना करना बुद्धि ओर शरीर को हानि पहुंचाता है। तो आप सभी सुबह मल त्यागने जरूर जाएं। वरना आपको भविष्य में रोग जरूर घेर लेंगे

दांत साफ करना दांतो की सफाई कैसे करे

अब मल त्यागने के बाद नियम आता है दांतो को साफ करने का। ओर देखिए दोस्तो इसमें भी लगभग सभी व्यक्ति कितनी बड़ी गलती करते है। दांतो को साफ करने के लिए बड़ी बड़ी कम्पनियों के केमिकल से ओतप्रोत पेस्ट लाते है ओर उन्हें अपने दांतो पर रगड़ते है। ओर अपने दांत और अपने पेट बुद्धि का नाश कर लेते है।

दांत साफ करने के तरीके

दांत साफ करने का सबसे अच्छा तरीका है दातुन , या फिर हवन की राख , या फिर देसी गए के उपलों की राख ये ही सबसे अछि मंजन है. में खुद काफी समय से हवन की राख से ही अपने दांतों को साफ़ करता हूँ.

विद्यार्थि के लिए प्राणायाम

अब आपको एक दरी लेनी है फिर अपने घर की छत या किसी नजदीकी पार्क में जाए फिर दरी बिछा कर हाथ पेरो के शुक्षम व्यायाम करे.

अब करो लम्बे गहरे सांस लेने छोड़ने की क्रिया

अब आप शांति से बेथ जाइये और लम्बे गहरे सांस लेने छोड़ने की क्रिया कीजिये इस क्रिया को आप लगभग 15 मिनट कीजिये. आप ये वीडियो देखो

अब करो सूर्यनमस्कार

अब आपको सूर्यनमस्कार करना चाहिए अब आप 10 बार सूर्यनमस्कार करो सूर्य नमस्कार केसे करें उसकेलिए आप मेरी ये वीडियो देखिये.

अब लगाओ राममूर्ति दंड

अब आपको राममूर्ति दंड लगनी है आप ये दंड 10 लगाइए आपके लिए काफी है अधिक लगाना चाहो तो अधिक दंड भी लगा सकते हो . परन्तु सबसे अच्छा ये रहेगा की आप एक सांस में एक ही दंड लगाओ धीरे धीरे आपके लिए सही रहेगा. आप ये निचे वाली वीडियो देखो.

अब कीजिये शवासन

वेसे मेने सब कुछ इस ऊपर वाली वीडियो में ही बता दिया है. अब आपको कुछ देर शवासन करना है.

अब कीजिये चक्रासन

अब आपको चक्रासन करना है

विद्यार्थि के लिए भुजंगासन

चक्रासन करने के बाद पेट के बल घूम कर लेट जाइये अब आप भुजंग आसन कीजिये.

अब वज्रासन करिये

अब आप भुजंगासन से सीधे वज्रासन में बैठ जाइये,

ओ३म् का जाप कीजिये

आप चाहे तो वज्रासन में या फिर आप अपना आसन भी बदल सकते है किसी भी आसन में बैठ जाइये अब आँखे बंद कर के ओ३म् का जाप कीजिये इसके लिए आप ये लेख पढ़िए ओ३म् का ध्यान केसे करें

अब इसे आप अपनी इच्छा अनुसार कितनी भी देर तक करें परन्तु में आपसे एक बात कहूँगा आप इसे 30 मिनट तो जरुर करें. जब आपका मन आँखे खोलने का करे तो एक डीएम से आँखे मत खोलिए पहले हाथो को आपस में रगड़ कर गर्म कर ले फिर हथेलियों को आँखों पर लगाइए फिर हाथो की तरफ देखते हुए धीरे धीरे आँखे खोल लीजिये.

अब आप कीजिये स्नान

अब व्यायाम आदि के बाद आपको नहाना है अछे से मेल आदि को उतर कर नहाना है. मुख्य बात नहाते समय आपको अपनी मूत्र इन्द्रिये की सफाई करनी है परन्तु मन के भावो को शुद्ध रखना है. साबुन आदि के स्थान पर आप मुल्तानी मिटटी से नहिये और एक रोएदार तोलिया लेना है इससे अपने शरीर को अछे से रगद कर पोछिये. रगड़ने का मतलब ये नहीं है की आप अपनी खाल छिल लो. आराम से घिर्षण करते हुए शरीर को अछे से पोछ लीजिये.

अब कीजिये ताकतवर और बुध्हिवर्धक नाश्चता

अब आती है सुभ के भोजन की बारी आखी सुभ का सबसे अच्छा भोजन क्या है जो बलवर्धक हो सस्ता हो अत्यधिक लाभ देता हो. तो दोस्तों वो है जो का डालिए इससे अच्छा कुछ नही है, अब आप पानी में उबाल कर जो का दलिया बनालो ये आपको किसी भी पतंजली की दुकान पर मिल जायेगा.

दलिए में नमक मत डालो यदि नमक डालना चाहो तो सेंधा नमक डालो यदि नमक डालोगे तो इसके साथ दूध मत लेना , वरना दोस्तों अच्छा तो ये रहेगा की आप दलिए को एसे ही फीका पानी में उबाल कर बनालो. फिर जब बन जाए तो आप इसमें खांड या धागे वाली मिश्री डाल लो अब इस दलिए के साथ आप दूध भी ले सकते हो दलिया खाओ और दूध पियो .

सच कहता हु मेरे युवा साथियों इससे अच्छा और कोई नाश्चता हो नही सकता.

विद्यार्थि के लिए दोपहर का भोजन

अब आती है बारी दोपहर के भोजन की तो आपको कम नमक मिर्च का भोजन लेना चाहिए भोजन से 30 मिनट पहले कोई भी एक प्रकार का सलाद खालो फिर अपना सादा श्रेष्ट भोजन खूब चबा चबा कर खाओ. भोजन के साथ आप लस्सी पी सकते हो.

विद्यार्थि के लिए शाम का भोजन

अब आती है बात शाम के भोजन की दोस्तों शाम का भोजन आप 6 से पहले ही करलो सूरज छिपने से पहले ही हल्का भोजन करलो. आप चाहो तो पतली सी खिचड़ी भी खा सकते हो.

विद्यार्थि रात को पियें दूध

दोस्तों यदि आप रात को दूध पियेंगे तो ये काफी बल वर्धक , वीर्य वर्धक होता है रात को दूध पिने से बल बढ़ता है .

विद्यार्थि रात को केसा दूध पिए

अब आती है बात आखिर रात को कितना ग्राम दूध पिए तो इसका जवाब है दूध हल्का सा गुनगुना होना चाहिए ये अच्छा रहता है.

दूध पिने के कितनी देर बाद सोए

दोस्तों रात को 9 बजे दूध पिलो और 10 बजे तक सो जाओ दूध फीका ही पियोगे तो ज्यादा अच्छा है,

विद्यार्थि के लिए रात को सोने का तरीका

रात को सोने का सबसे अच्छा तरीका वो होता है जिससे अछि नींद आये गलत सपने ना आयें इसके लिए आप जब लेट जाएँ तो मन ही मन ओ३म् का जाप करते रहे और साथ में इश्वर से प्रार्थना भी करें की “है ईश्वर में भी अपने श्रेष्ट पूर्वज ऋषियों की तरह ही ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए अपने वैदिक धर्म और अपने राष्ट्र की सेवा करना चाहता हु मेरी इसमें सहयता कीजिये” फिर आप बार बार ओ३म् मन ही मन बोलते रहिये.

मन में बार बार ओ३म् बोलते हुए ही आपको कुछ देर में नींद आजायेगी फिर जो ये नींद होगी ये आपके शरीर को वास्तव में उर्जा से भरने वाली होगी.

विद्यार्थि के लिए अब कुछ महतवपूर्ण सवालों के जवाब भी जानलो

  1. यदि आपको स्वपंदोश की समस्या है तो कुछ महीने तक नमक का सेवन बंद करदो हरी सब्जी सलाद दाल फल खूब खाओ एसा करने से आपके शरीर में नमक की कमी नही होगी
  2. व्यायाम ध्यान जो बताया है उसे आप अपने अनुसार कम ज्यादा कर सकते हो.
  3. यदि आप पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव है तो आप केवल 30 मिनट रोज सुभ गायत्री मन्त्र या ओ३म् का ही जाप कर लो ध्यान कर लो.
  4. फोन का इस्तेमाल कम से भी कम करें सिर्फ आवश्यक कार्यो के लिए ही फोन आदि का प्रयोग करें.
  5. मेने बहिए प्राणायाम के लिए नही बताया है यदि आपके पास समय हो तो आप आखिर में ध्यान करने से पहले 3 बहिए प्राणायाम कर सकते है फिर ध्यान.
  6. आप एक बारे ये लेख भी पढलो जो मेने आहार के विषय में लिखा है. आहार क्या है ?
  7. यदि आप लड़के हो तो आप लडकियों से दोस्ती मत करो और यदि आप एक लड़की है तो लडको से दोस्ती मत करो. बाकी आपकी अपनी बुद्धि.
  8. तेज मिर्च मसाला , लाल मिर्च, काली मिर्च, प्याज, लहसुन, इमली, सफ़ेद नमक, चीनी, बासी चीजे इन्हें मत खाना बाकी आप ये आहार वाला लेख पढ़िए.
  9. मालिश हमेशा नहाने से पहले ही करें और व्यायाम से पहले करे.

मित्रो यदि आप इसमें कुछ जुडवाना चाहते हो आपका कोई सवाल हो तो कमेन्ट में पूछिए ताकि में उसे इस लेख में जोड़ सकू ताकि ये लेख और भी अधिक उपयोगी बन जाए. बाकी इस विषय पर जल्द ही मेरी वीडियो भी आयेगी उसमे कुछ आसन करने सिखाऊंगा आपको.

ओ३म् नमस्ते जी 🙏

यदि आप मेरे कार्य को सहयोग करना चाहते है. ताकि में और भी अछे तरीके से प्रचार कर सकूँ तो आप मुझे दान दे सकते है। दान देने के लिए Donate Now बटन पर क्लिक कीजिये। निवेदन दान वो ही दे जिसकी कमाई ईमानदारी की हो सात्विक हो, चोरी की ना हो , जीवो की हत्या से कमाया धन न हो, किसी को ठग कर कमाया धन ना हो. ये ही दान मुझे स्वीकार्य है.

21 thoughts on “विद्यार्थि की श्रेष्ठ दिनचर्या – ब्रह्मचर्य पूर्ण जानकारी – आदर्श सफल नियमित दिनचर्या”

  1. अमित जी मै चौदह साल का बालक हू । पिछले दो साल से आप से जुडा हू ।
    मेरी पूरी दिनचर्या ऐसी ही है परंतु एक त्रुटी जो मेरी दिनचर्या में आ जाती है वह है कि मैं सुबह मल त्याग नहीं करता बल्कि दोपहर या शाम को मल त्याग करता हूं मुझे पता है यह बहुत बुरी बात है सर बुद्धि पर बहुत बुरा असर पड़ता है भविष्य खराब होने की बहुत ज्यादा संभावना है परंतु सुबह कुछ भी करूं कभी-कभी ही सुबह फ्रेश हो पाता हूं मेरी दिनचर्या में बस एक यही विकृति है इसका कोई समाधान हो तो जरूर बताएं…

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    • भाई आप रोज सुबह गरम पानी पियो हल्का गरम , फिर आप लेट्रिंग में जाओ बेठो चाहे पेट साफ़ हो या ना हो और फिर वापस आकर वज्रासन में बेठो रोज वज्रासन पाचनतंत्र को ठीक करता है. एसा करने से सुबह पेट साफ़ करने की आदत हो जाएगी, पेट साफ़ होगा शुरू में नही होगा तो कुछ दिनों बाद होगा

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  2. अमित भैया,
    मैं एक विद्यार्थी हु। मुझे सुबह विद्यालय जाते समय चावल खाके जाना पड़ता हैं। मै दोपहर के भोजन में दलिया लेना चाहता हु क्युकी वहा में चावल आदि नहीं ले जा सकता। इसमें आपकी राय व्यक्त करे
    ओम् नमस्ते।

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    • भाई आप रोज सुबह दलिया खाओ और विधालय में रोटी सब्जी खीरा ले जाओ

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  3. या तो आप तांबे के बर्तन का पानी पिए सुबह या फिर थोड़ा गुनगुना पानी कर कर उसको पिए और हल्का-फुल्का व्यायाम करें 2 से 3 दिनों में आपका सुबह खाली पेट हो जाएगा

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  4. bhaiya ek सवाल है कि सुबह नहाने से पहले तेल की मालिश कर सकते है क्या
    ओर शाम को खाना खाने के पहले नहा सकते है या नही

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    • हाँ भाई आप सुबह नहाने से पहले तेल की मालिश करो फिर नहाओ और रात को भोजन से पहले आप नहा सकते हो, हमेशा एक बात ध्यान रखो सूरज छिपने से पहले ही भोजन करलो

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  5. भाई आपने नहाने से पहले तेल मालिश के बारे में नहीं बताया

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    • भाई अब लिख दिया है, और नहाने से पहले व्यायाम से पहले मालिश करना अच्छा रहता है

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  6. Amit bhaiya ji 7 din me ek din upwas rkhna tik h kya ya 15 din up was waale din exercise krni chaiye ya nhi

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  7. मैं एक विद्यार्थी हूँ ।रात में मैं कुछ नही खाता। दूध पीकर सोता हूँ तो रात में स्वपनदोष हो जाता है।सुबह में दूध कितने बजे तक पी सकता हूँ ?

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    • भाई दूध से सव्पन्दोश नही होता रात को स्व्पन्दोश के कारण ये है
      भारी भोजन
      सूरज छिपने के बाद भोजन
      सफ़ेद नमक का अधिक सेवन
      तेज मिर्च मसला खाना
      इश्वर का ध्यान करो रोज प्राणायाम करो, सफ़ेद नमक छोड़ कर सेंध नमक खाओ ठीक हो जाओगे

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  8. अमित भैया जी आप मेरे एक भी msg का rply नही करते yutbe पर भी नही करते

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      • उपवास वाले दिन exrcise करनी chaiye या नही और उपवास करना भी चाइये या नहीं अगर नहीं तो खाने में संतुलन रखना ठीक हे तब तभी उपवास जरूरी हे?

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        • उपवास वाले दिन सिर्फ प्राणायाम और ध्यान ही करना चाहिए , और उपवास हफ्ते में या 15 दिन में करना चाहिए ये स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है

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  9. उपवास वाले दिन एक्साइज करे या नहीं और उपवास करना भी चाइये या नहीं अगर खाने में संतुलन रखे तब भी उपवास रखना जरूरी हे?

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