सांस रोक कर 60 राममूर्ति दंड – ब्रह्मचारी रामप्रसाद बिस्मिल जी की प्रिय दंड

सांस लेना और छोड़ना सही सही जिसको आजाए तो वो हमेशा स्वस्थ और बलवान रह सकता है कोई रोग उस मनुष्य के आस पास भी नही फटकेगा जो मनुष्य नियमित प्राणायाम करता होगा . दोस्तों ब्रह्मचारी राममूर्ति जी ने इसी प्राणायाम को देसी व्यायाम के साथ जोड़ कर एक अलग व्यायाम की रचना की.

सांस रोक कर 60 राममूर्ति दंड

दोस्तों ब्रह्मचारी माहान क्रन्तिकारी रामप्रसाद बिस्मिल जी को ये राममूर्ति जी की ये दंड बहुत ही पसंद थी और वो इसे खुद भी खूब करते थे और युवक युवतियों को भी इसे करने की सलाह देते थे . केवल राममूर्ति जी की ही विधि में वो बात है जो कम समय में ही इस शरीर का अच्छा व्यायाम करदेती है .

यदि कोई भी मनुष्य अपने बल, भोजन , ऋतू के अनुसार ब्रह्मचारी राममूर्ति जी की विधि से व्यायाम करेगा तो वो बलवान बनेगा .

आज की इस वीडियो में कुम्भक के साथ 60 दंड लगाई है और भी काफी कुछ आपको अछि सलाह दी है आप इस वीडियो को देखिये और लाभ प्राप्त कीजिये . यदि कुछ पूछना हो तो यहाँ कमेन्ट में पूछिए.

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