Neem एक फायदे अनेक जड से शिखर तक गुणों की खान

Neem के पत्ते खाने से क्या फायदा हो सकता है।

1 . Neem से मधुमखी के डंक का इलाज –

Neem यदि मधुमक्खी डंक मार दे तो नीम की पत्तियां रगड़ लेनी चाहिए। अगर छत्ते की मधुमक्खियां टूट पड़े तो मुंह माथे और खोपड़ी में सैकड़ों जगह डंक मार देती हैं। Neem की पत्तियां काली मिर्च और सेंधा नमक साथ साथ पीसकर देसी गाय के घी में मिलाकर चटा दे । रोगी की हालत बहुत पतली हो तो उसे Neem की पत्तियां चबाने को दें और मुंह बंद रख कर चबाने को कहें नीम की गंध और रस से विष का असर ठंडा पड़ने लगेगा।

2 . Neem से भिरंड भिंडो के डंक का इलाज –

जहां भिरंड ने काटा हो वहां पर नीम की पत्तियों को लेकर उनको पीस लें और रगड़ दे जहां छत्ते लगे होते हैं वहां नीम के सूखे पत्ते लेले निमोली लेले इन सब का ढेर जमा कर दें और उसमें आग लगा दें इसके धुएं से सारी भिरंड भाग जाएंगे।

3 . नीम के पत्तों से बालतोड़ का इलाज –

सौ ग्राम नीम पत्ते पीसकर टिकिया सी बना ले और पुल्टिस की तरह सूजन पर रखकर बांधे 3 दिनों में सूजन उतरने लगेगी और दर्द मिट जाएगा

4 . नीम के पत्तों से उल्टियों का इलाज –

उल्टियां 20 ग्राम Neem की पत्तियां पीसकर पानी में घोलने और आधा कब तैयार करके दिला दें उल्टी किसी भी कारण से आ रही हो बंद हो जाएगी पांच दाने कालीमिर्च के भी मिला लेनी चाहिए।

Neem नीम से कब्ज का इलाज,

5 . उदर शूल का इलाज

10 ग्राम नीम के बीज 10 ग्राम सोंठ 10 पत्ते तुलसी दल घोट पीसकर काली मिर्च का चुटकी भर चुरा मिलाएं और गाड़ी चटनी की तरह चटा दे बहुत जल्द आराम आएगा

6 . Neem नीम से कब्ज का इलाज

नीम की 10 ग्राम पत्तियां घोटकर पानी में मिलाएं और मुंह अंधेरे इसी का एकाद कुल्ला करके पी जाएं नीम का असर ठंडा है मगर प्रतिक्रिया तेज और गर्म है पेट स्वच्छ हो जाएगा।

7 . कानखजूरे का विष

निम् की पत्तियां घोटे और सेंधा नमक मिलाकर उस जगह पर लेप दें जहां कनखजूरे ने काटा हो। अनुभूत इलाज हे काफी लाभ देगा।

8 . गला दुखना

नीम की पत्तियों का रस निकालकर हल्का गर्म करें और उससे गरारे करें इसमें आप शहद की भी 57 उन्हें खोल सकते हैं गले की जलन शांत करने और कफ हटाने में यह योग हथेली पर सरसों जमा कर दिखा देगा।

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नीम के पेड़ से हमें क्या मिलता है?

नीम के पेड़ से हमें बहुत कुछ मिलता है बहुत ही कम पेड़ पौधे देखने को मिलेंगे जो जड़ से लेकर शिखर तक पूरे के पूरे हम मनुष्य के लिए लाभदायक हो इस प्रकृति के लिए लाभदायक हो। परंतु नीम एक ऐसा पेड़ है जो जड़ से लेकर चोटी तक पूरा का पूरा इस प्रकृति और मनुष्य के लिए लाभदायक है नीम की छाया, छिलका, यानी की छाल, पत्ते, फूल, फल, और डंठल, मतलब यह कि नीम में इंसान की तंदुरुस्ती भरी है जिसके गुणों का सारा जहान मुग्ध हो अगर हम उससे फायदा ना उठाएं वह भी मुफ्त में तो यह हमारी नादानी ही है।

Neem का पेड़ पेड़ नहीं एक साफ सफाई कर्मचारी भी है। ईश्वर की तरफ से इसे इसलिए पैदा किया गया है कि यह वातावरण को वायुमंडल को स्वच्छ रख सके थके हारे मुसाफिरों की थकान को हर ले हम मनुष्यों की नस नाड़ियों के मल को निकाल दें और बिना कोई सेवा कराएं खुद भी हरा भरा रहे और दूसरों को भी सुख और आरोग्य हरा भरा करदे ऐसा मुफ्त का सफाई कर्मचारी कहां मिलेगा कि आप उसके आसपास मल मूत्र डालते रहें और वह फिर भी आपको स्वस्थ स्वस्थ सुंदर तेजस्वी बनाए रखें

नीम हमें क्या क्या देता है यह देखिए
पत्ते– कोपले नेत्र रोग गर्मी कोढ़ और कफ दूर करती हैं जवान पत्ते कृमि नाशक विष नाशक अरुचि और अजीर्ण मिटाते हैं सूखे पत्ते मनुष्य को भी बचाते हैं कपड़ों को भी।

फल– बवासीर, प्रमेह , कोढ़ , कृमि ,और गुल्म शांत करते हैं पके फल निमोली रक्त पित्त कफ नेत्र रोग दमा दूर करते हैं

फूल- कफ और कृमी के नाशक हैं

डंठल– खांसी, बवासीर, प्रमेह, और कृमि जन्य विकार मिटाते है।

गिरी– कोढ़ में विशेष रूप से आरोग्य देती है।

नीम– का तेल कृमि कोढ़ और त्वचा रोगों से मुक्ति दिलाकर दांत मस्तक स्नायु और सीने के दर्द मिटाता है।

नीम का तेल क्या काम आता है?

नीम का तेल कृमि कोढ़ और त्वचा रोगों से मुक्ति दिला कर दांत मस्तक स्नायु और सीने के दर्द को मिटाता है।

आग से जलने पर नीम का तेल का प्रयोग-

नीम का तेल लगाएं Neem की 50 ग्राम कोपले तोड़ लाएं और ढाई सौ ग्राम खोलते तेल में इतनी पकाएं की जल जाए यह तेल शीशी में एक दो बार छान लें ध्यान इस बात का रखना है कि तेल में कोपलें काली पड़ जाए जलकर राख ना हो।

आप घाव पर लगाने के लिए मरहम भी बना सकते हैं ढाई सौ ग्राम नीम के तेल में सवा सौ ग्राम वैक्स (मोम) नीम की हरी पत्तियों का रस 1 किलो नीम की जड़ की छाल का चूर्ण 50 ग्राम और नीम की पत्तियों की राख 25 ग्राम डालें। तेल और नीम रस हल्की आंच पर इतना पकाएं की तेल भी आधा या उससे कम रह जाए इसी में मोम डालते तेल और मोम एक जान हो जाए तो छाल का चूरा और पत्तियों की राख भी मिला दें यह रामबाण मरहम है और घाव भरने में अद्भुत है।

Neem नीम का तेल क्या काम आता है

Neem ke fayde for skin in hindi

खुजली

नीम और मेहंदी के पत्ते एक साथ रगड़ कर रस निकालें और 25 ग्राम की मात्रा में पी जाएं बाकी बचे अंश को नारियल के तेल में भूनकर छान लें यह तेल बदन पर मले

नीम का पंचांग –

बीज, फूल, फल, पत्ते, जड़, समान मात्रा में लेकर पीस डालें चार चम्मच सरसों के तेल में यह चुरा हल्की आंच पर पकाये नीम जलने की गंध और धुआं उठते ही तेल उतारकर छान लें और शीशी में भर लें इस तेल की मालिश से खुजली भी जाती रहेगी और त्वचा के दूसरे विकार भी निकल भागेंगे।

खून खराब होने से ही सारे त्वचा के रोग होते हैं। खून खराब होने की स्थिति में नीम की 30 ग्राम कोपलों का रस 3 दिन रोज पिलाएं इससे खून साफ हो जाता है।

झाइयां

नीम की पत्तियां, अनार के बक्कल, हरड़ के बक्कल पठानी लोध और आम का छिलका सभी 10 10 ग्राम पानी में पीसकर झाइयों पर लगाएं धब्बे घुलने लगेंगे और त्वचा का कुदरती रंग उभर आएगा।

फोड़े फुंसी का इलाज


साधन फुंसी हो तो नीम छाल घिसकर लेप दें अधिक फुंसियां निकलने लगे तो नीम रस पिएं एक जग पानी में नीम पत्ते उबालकर उसमें कपड़ा भी कुएं और बदन पर फेरे फोड़ा हो तो इसी विधि से धोएं कच्चा फोड़ा हो तो मिट्टी का कचोरा नीम की पिसी हुई पत्तियों से भर दे और ढक्कन लगाकर गीली मिट्टी से मुंह के किनारे भी जोड़ दें कचोरा आग में लाल होने तक पकाएं और फिर ढक्कन उतारकर नीम की लुगदी थोड़ी गर्म ही फोड़े पर बांधने फोड़ा पककर फूट जाएगा घाव भरने के लिए भी यही लुगदी प्रयोग में लाएं।

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मुंहासों का इलाज

कील मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए नीम रस पीजिए ताकि खून का उबाल शांत पड़ जाए लेप के लिए नीम पत्र अनार का बक्कल पठानी लोध और आम का छिलका 25 25 ग्राम लेकर कूट पीसकर छान लें इसमें से जरूरत के मुताबिक चूर्ण लेकर नीम तेल में गर्म करके कील मुहांसों पर लगा दे दाग झाइयां धूल जाएंगे और मुखड़ा कांति से झलक जाएगा।

Neem नीम की पत्ती खाने से क्या लाभ

Neem ke fayde for hair

1 . बाल पकना बाल काले करने के लिए

बाल काले करने के लिए भांगरे के रस में नीमोलियां घोटकर सुखा लें और तेल निकलवाले इस तेल को केवल सुंघे और नाखूनों में दो-दो बूंद डालें नजला जुखाम दूर होते ही बाल पकने बंद हो जाएंगे नीम पत्तियों को पानी में उबालकर सिर धोने से भी बाल काले होने लगते हैं एक महीना आजमाले नतीजा सामने आ जाएगा

2 . बाल झड़ना

नीम की सौ ग्राम पत्तियां पानी में उबालें और ठंडा करके सिर धोएं 1 सप्ताह बाद बाल झड़ने बंद हो जाएंगे
बेर और नीम की पत्तियां उबाल के सिर में लेप करें इससे बाल झड़ने भी बंद हो जाएंगे और नहीं भी उगने लगेंगे।

3 . गंजापन

नीम अपनी घनी छांव के लिए सब जगह सराहा जाता है इसके रस में भी अंकुरण ऑर्गेनिक खेती के तत्व मौजूद हैं नीम का तेल रोज सिर पर लगाने से गंज भरने लगते हैं अगर खोपड़ी एकदम साफ हो चुकी हो तो व्यर्थ में दौड़ भाग ना करें हां सिर में गंज के चकत्ते उड़ने लगे हो तो उन्हें आप जरूर रोक सकते हैं 3 महीने लगातार नीम तेल लगाएं 1 महीने तक नरम हाथों से तेल मले उसके बाद 2 महीने तक तेल लगाकर हथेली से पूरी खोपड़ी में रगड़ कर रचाई सुखिया रोगी जड़ों में नीम तत्व पहुंचते ही कुदरत अपना रंग दिखाने लगेगी।

Neem ke pani ke fayde

नीम की सौ ग्राम पत्तियां पानी में उबालें और ठंडा करके सिर धोएं 1 सप्ताह बाद बाल झड़ने बंद हो जाएंगे
बेर और नीम की पत्तियां उबाल के सिर में लेप करें इससे बाल झड़ने भी बंद हो जाएंगे और नहीं भी उगने लगेंगे।

Neem ke fayde pet ke liye

नीम की 10 ग्राम पत्तियां घोटकर पानी में मिलाएं और मुंह अंधेरे इसी का एकाद कुल्ला करके पी जाएं नीम का असर ठंडा है मगर प्रतिक्रिया तेज और गर्म है पेट स्वच्छ हो जाएगा।

Neem ka face pack banane ka tarika

नीम की पत्तियां, अनार के बक्कल, हरड़ के बक्कल पठानी लोध और आम का छिलका सभी 10 10 ग्राम पानी में पीसकर झाइयों पर लगाएं धब्बे घुलने लगेंगे और त्वचा का कुदरती रंग उभर आएगा।

नीम का क्या उपयोग है?

पत्ते- कोपले नेत्र रोग गर्मी कोढ़ और कफ दूर करती हैं जवान पत्ते कृमि नाशक विष नाशक अरुचि और अजीर्ण मिटाते हैं सूखे पत्ते मनुष्य को भी बचाते हैं कपड़ों को भी।

फल- बवासीर, प्रमेह , कोढ़ , कृमि ,और गुल्म शांत करते हैं पके फल निमोली रक्त पित्त कफ नेत्र रोग दमा दूर करते हैं

फूल- कफ और कृमी के नाशक हैं

डंठल- खांसी, बवासीर, प्रमेह, और कृमि जन्य विकार मिटाते है।

गिरी- कोढ़ में विशेष रूप से आरोग्य देती है।

नीम- का तेल कृमि कोढ़ और त्वचा रोगों से मुक्ति दिलाकर दांत मस्तक स्नायु और सीने के दर्द मिटाता है।

Neem नीम की पत्ती खाने से क्या लाभ/नुक्सान होता है?

उल्टियां 20 ग्राम Neem की पत्तियां पीसकर पानी में घोलने और आधा कब तैयार करके दिला दें उल्टी किसी भी कारण से आ रही हो बंद हो जाएगी पांच दाने कालीमिर्च के भी मिला लेनी चाहिए।

नीम का वानस्पतिक नाम क्या है?

नीम का वनस्पति नाम हे Azadirachta indica

नीम का कुल क्या है?

Mahogany

1 thought on “Neem एक फायदे अनेक जड से शिखर तक गुणों की खान”

  1. नपुंसक बना देगा मतलब नीम ब्रह्मचर्य में बहुत सहायक है, ऐसी कोई विडीओ मैं सुना था ….
    वो चाइए

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