गिलोय के फायदे और नुकसान क्या है

गिलोय के फायदे ईश्वर ने हम मनुष्य के लिए अनेकों प्रकार की जड़ी बूटी अनेकों प्रकार की औषधियां बनाई है जिनका अपना अपना महत्व है लेकिन आज हम गिलोय के फायदे के बारे में बात करेंगे जिसे अमृता भी कहा जाता है यानी कि एक ऐसी जड़ी-बूटी जो अमर है जो मरती नहीं इतनी जल्दी इसीलिए तो गिलोय को अमृता कहा जाता है

गिलोय के फायदे से पहले आइये जानते है गिलोय का किस भषा में क्या नाम है

Hindi गिलोय
Sanskrit अमृता, गुडुची, वल्ली, मधुपर्णी,
गुजरतीगलो
मराठी गुलवेल
कन्नड़ अमृतबल्ली
लैटिन Tinospora cordifolia
English Tinospora

गिलोय एक ऐसी जड़ी बूटी है अमृतवेल है जिसका सेवन करके अन्य व्यक्तियों ने अपने जीवन को नए रूप से ढला है यानी कि नया जीवन पाया है.

यह पूरे भारतवर्ष में पाई जाती है हिमालय आदि पहाड़ों पर भी यह 5 से 6000 फीट की ऊंचाई तक भी पाई गई है। और जो समुद्री क्षेत्र हैं समुद्री इलाके हैं वहां पर भी यह हो जाती है। गिलोय अमृता एक बहुत ही ज्यादा दिव्य औषधि मानी जाती है।

गिलोय को अमृता क्यों कहा जाता है?


गिलोय को अमृता क्यों कहा जाता है दोस्तों गिलोय को अमृता इसलिए कहा जाता है क्योंकि आप यदि गिलोय का एक टुकड़ा काटकर कहीं पर भी डाल देते हैं या पेड़ पर ही टांग देते हैं तो यह सूखता नहीं है बल्कि जब बरसात का मौसम चालू होता है तो इसमें से खुद ही जड़े निकलने शुरू होती हैं और यह खुद ही वहां पर अपना विकास कर लेता है.

मैंने यह देखा है कि यदि पेड़ के ऊपर भी आप गिलोय को काटकर ऐसे ही फेंक देते हैं और फिर वह धीरे-धीरे धीरे-धीरे वहां से कुछ कुछ धागे निकलते हैं गिलोय में से और फिर वह धीरे-धीरे जमीन पर चले जाते हैं इस प्रकार से वह अपना नया जीवन शुरु कर देती है इसीलिए उसको अमृता कहा जाता है। और ये दुसरो का भी जीवन बचाती है इसलिए भी ये अमृता है.

गिलोय की पहचान क्या है ?

गिलोय की पहचान के लिए आप जो नीचे तस्वीर दी गई हैं इस तस्वीर को ध्यान से देखिए इसमें फोटो भी और बैल भी दोनों का आकार दिया जाए इसको अच्छी प्रकाश अब देखिए यदि यहां पर आपको पहचानना हो तो यूट्यूब पर आपको वीडियो मिल जाएंगे काफी सारी वीडियो मिलेंगे वहां पर आप देख सकते की गिलोय दिखने में होती कैसी है।

गिलोय के फायदे

कौनसी गिलोय में सबसे अधिक गुण होते है।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर किस प्रकार की गिलोय के फायदे अधिक होते है . कौन सी गिलोय सबसे ज्यादा फायदे की होती है दोस्तों गिलोय की एक खासियत है आप इसको जिस भी पेड़ पर चढ़ा देंगे यह उसके भी गुण प्राप्त कर लेती है सबसे ज्यादा गिलोय के फायदे निम् की गिलोय से मिलते है .

यदि कोई नीम का पेड़ है तो वहां पर यदि आप उसके साथ में गिलोय लगाते हैं और फिर धीरे-धीरे वह नीम के पेड़ पर चढ़ जाती है तो उस गिलोय के औषधीय गुण हैं सबसे सबसे ज्यादा अधिक होंगे और वह काफी जल्दी अच्छा परिणाम देगी।

गिलोय के फायदे क्या है

अब हम जानते हैं कि गिलोय के फायदे क्या है।

1, बुखार को खतम करे

दोस्तों गिलोय का सबसे अच्छा फायदा यह है कि यह बुखार को खत्म कर देती है जब किसी को बुखार होता है तो गिलोय का काढ़ा बनाकर यदि आप उसको पिलाते हैं और साथ में उसमें 6 या 7 पत्ते श्यामा तुलसी के भी डाल कर उसको भी काढ़ा बना लेते हैं और इसको आप पीते हैं तो आपका बुखार कैसा भी बुखार हो वह ठीक होता है और चिकनगुनिया में भी बहुत ही बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है श्यामा तुलसी डालने से चिकनगुनिया में होने वाला जोड़ों का दर्द भी ठीक हो जाता है।

2. आपकी पर्तिरोधक शमता भी बढ़ती है

काफी व्यक्तियों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही ज्यादा कमजोर होती है मौसम बदलते ही जल्दी बीमार पड़ जाते हैं. थोड़े थोड़े दिन में बुखार आता रहता है जिसके कारण मनुष्य को अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है समय भी खराब होता है धन भी खराब होता है और शरीर तो खराब होता ही है

यदि आप नियमित रूप से रोज सुभ गिलोय को खाएं तो आपकी जो प्रतिरोधक क्षमता है वह बढ़ती है जिसे कारण आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते हैं मौसम बदलता है तो उसे सहने की शक्ति भी आपमें बढ़ जाती हैं.

गिलोय juice के फायदे

गिलोय का जूस के भी वही फायदे हैं जो गिलोय के फायदे है गिलोय का जूस ज्यादातर वहीं व्येक्ती पिटे है जिन्हें गिलोय मिल नही पाती है. काफी कम्पनिया है जो गिलोय को जूस के रूप में उपलब्ध करवाती है. आप पतंजलि का भी गिलोय का जूस लेकर आ सकते हैं।

गिलोय इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखा जाता है।

गिलोय का इस्तेमाल करते समय हमें एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि गिलोय ना तो बिल्कुल पतली हो और ना ही बिल्कुल अधिक मोटी हो क्योंकि पतली गिलोय में भी और अधिक मोटी गिलोय में भी अधिक गुण नहीं होते तो मध्यम यानी कि ऊँगली जितनी मोटी जो गिलोय हैं उसके अंदर अच्छे गुण होते हैं तो उसी का ही आपको प्रयोग करना चाहिए।

गिलोय स्तव क्या है

गिलोय सत्व क्या है दोस्तों गिलोय सत्व बहुत ही ज्यादा फायदे का होता है यह गिलोय से ही बनता है गिलोय को जब हम काटते हैं तो उसमें से कुछ चिपचिपा सा पदार्थ होता है उसी का गिलोय सत्व बनता है.

इसको बनाने का तरीका यह है। पहले गिलोय को कूट लिया जाता है और फिर उसे पानी में भिगो दिया जाता है फिर नीचे वह जो पदार्थ है वह बैठ जाता है और बाद में उसे सुखा लिया जाता है तो ऐसे ही गिलोय सत्व तैयार हो जाता है हो सकता है यूट्यूब आदि पर वीडियो हो वहां पर आप देख सकते हैं. यदि आपको वीडियो न मिले तो आप मुझे कमेन्ट में बताना में इस विषय पर वीडियो बना कर आपको दूंगा.

Patanjali गिलोय के फायदे

काफी भाई पूछते है की Patanjali गिलोय के फायदे क्या है क्या ये सही है तो में आपको एक बात कहना चाहूँगा की यदि आपको गिलोय के सम्पूर्ण फायेदे चाहिए तो गिलोय की डंडी का ही काढ़ा आदि में प्रयोग करे इससे आपको 100% फायदा मिलेगा. बाकी संकट काल में पतंजली गिलोय जूस का आप प्रयोग कीजिये लाभ तो मिलेगा ही.

Patanjali गिलोय की गोली

Patanjali गिलोय की गोली भी आती है आप उनका भी इस्तेमाल कर सकते है. Patanjali के जो स्टोर है वहन पर वेध भी बैठते है आप उनसे भी कोई सुझाव ले सकते है.

गिलोय के नुकसान

गिलोय के नुकसान क्या गिलोय से कोई नुकसान भी होता है. दोस्तों इसका जवाब है की कोई नुकसान नही होता बस आपको प्रयोग विधि आणि चाहिए और अती से सदेव ही बचना चाहिए. अती तो आप जिसमे भी करेंगे नुकसान तो उसमे ही आपको मिलेगा .

गिलोय से सम्बन्धित कुछ वीडियो जो आपको देखनी चाहिए

गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं बाबा रामदेव

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