हिंदी कहानी गधे की मजार

नमस्ते गुरुजी, गुरुजी आज आप हमें कोनसी कहानी सुनाएंगे

बच्चो आज हम आपको सच्ची कहानी सुनाएंगे आज इस कलयुग में हिंदू वेदों के बताए मार्ग को भूल कर जमीन में गड़े मुर्दे की पूजा करने में व्यस्त है आज हिंदू अपने धर्म से भ्टक गया है। बच्चो इस कहानी को ध्यान से सुनना ताकि आप धोके बाजो से बच सके

बच्चो ध्यान से सुनो आज हम आपको गधे कि मजार की कहानी सुनाते है , ओर कहानी को ध्यान से सुनना आखिर में इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है ये आप बच्चे अपनी बुद्धि से बताना।

बच्चे बोले, जी गुरुजी हम इस कहानी की शिक्षा अपनी बुद्धि से बताएंगे

एक हिंदुओ का बड़ा गांव था उसमे एक काफी प्रसिद्ध मजार थी सभी हिंदू उस मजार पर दूर-दूर से आते थे अपनी मन्नतें मांगने। उस मजार पर एक फकीर रहता था उसने वो मजार बनाई थी उस फकीर के पास एक सलमान नाम का व्यक्ति रहता था जो उस फकीर की सेवा करता था। फकीर सलमान की सेवा से काफी खुश था एक दिन फकीर ने सलमान से कहा

सलमान तूने मेरी बड़ी सेवा की है में तेरे से बहुत खुश हूं ओर तुझे अपना ये गधा देता हूं तू इससे मजदूरी कर ओर पैसा कमा

सलमान उस गधे को पाकर बहुत ही अधिक खुश हुआ। ओर उसने लोगो का सामान ढोने का काम शुरू किया ओर उसका गुजारा अच्छा चलने लगा 

एक दिन सलमान अपने गधे के साथ कहीं जा रहा था तो अचानक गधा जमीन पर गिर पड़ा और मर गया सलमान ने उस गधे को वहीं पर ही दफना दिया और एक चादर चढ़ा कर रोने लगा जब वह रो रहा था तो उस रास्ते से एक हिंदू रहागिर गुजर रहा था उसने देखा कि यह व्यक्ति इस मजार पर जो कि रास्ते पर है मत्था टेके रो रहा है तो उस रहागीर ने सोचा जरूर यह किसी पहुंचे हुए संत की मजार है ये इस मजार पर कोई मन्नत मांगने आया है तो वह रहागीर भी उस मजार पर अपनी मन्नतें मांगने लगा ओर उस राहगीर ने मजार पर कुछ पैसे चढ़ा दिए और वहां से चला गया।

इसी प्रकार कुछ देर में कुछ और लोग आए और उन्होंने भी उस मजार पर पैसे चढ़ाएं और अपनी मन्नत मांगी और वहां से चले गए। यह सब देखकर सलमान ने सोचा यह गधा जब तक जिंदा था तब भी मुझे पैसे दे रहा था और अब जब यह मर गया है तब तब भी यह मुझे पैसे दे रहा है यह तो बड़े ही आनंद की बात है अब रोज रोज उस मजार पर काफी लोग आने लगे और वह मजार काफी प्रसिद्ध हो गई।

1 दिन उस गांव में जहां उस गधे की मजार थी वही फकीर आता है जिसने सलमान को गधा दिया था और उस फकीर को उस गांव के लोग कहते हैं कि हमारे गांव में एक मजार है जो कि काफी प्रसिद्ध है और किसी पहुंचे हुए संत की मजार है आप भी वहां जरूर जाना तब फकीर वहां जाता है और देखता है कि ये तो सलमान है तब फकीर सलमान से पूछता है कि भाई यह माजरा क्या है।

तब सलमान उस फकीर को बताता है कि जो गधा आपने मुझे दिया था वह गधा जब तक जीवित था तो मुझे खूब पैसा देता था मैं उसके द्वारा मजदूरी करता था और जब वह मर गया तो उसकी कब्र मेंने बना दी अब लोग इस पर चढ़ावा चढ़ाते हैं और अब मैं इसके द्वारा पैसे कमाता हूं किसी को नहीं पता कि यह गधे की मजार है तब फकीर उसको बोलता है कि तू जानता है जिस मजार पर मैं रहता हूं वह किसकी मजार है वह इस गधे की मां की मजार है और लोग वहां पर भी आते हैं यही सोचकर कि ये किसी संत की मजार है हमारा धंधा बहुत ही अच्छा चल रहा है हम इसी प्रकार इनको ऐसे ही मूर्ख बनाकर अपना धंधा चलाते रहेंगे


गुरुजी बोले बच्चो आपने ये कहानी सुनी और अब में अर्जुन तुम पूछता हूं कि इस खनिज हमें क्या शिक्षा मिली।

गुरुजी इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है कि हमें मजारों में गड़े मुर्दों की पूजा नहीं करनी चाहिए। हमें हमेशा सर्वव्यापक ईश्वर की पूजा करनी चाहिए ।

हां बच्चो जैसे इस मजार में गधा गड़ा था वैसे ही इस समय भारत में जितनी भी मजारे है वो सभी उन लुटेरों की मजार हैं जिन्होंने हम पर आक्रमण करके हमारे देश भारत को गुलाम बनाना चाहा था और हमारे पूर्वजों को मारा था ओर भारत कि महिलाओं की इज्जत लूटी थी। तब हमारे योद्धाओं ने इन लुटेरों को मारा था और इनकी मजारों पर आज सभी हिंदू मत्था टेकते हैं जो कि हमारे पूर्वजों की वीरता का अपमान है।

ओर बच्चो इन मजारों को सैयद,पिर, पंच पिर, गाजी बाब, बाला सैयद, पिर बाबा आदि नामों से जाना जाता है जो लुटेरों कि मजारे है। 

बच्चो हमें जो भी मिलता है हमारी महनत से ही मिलता है किसी मजार पर मत्था टेकने से नहीं। इसीलिए बच्चो रोज गायत्री मंत्र का ध्यान किया करो

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