आर्य भूः ! क्यों दुखी है। रामप्रसाद बिस्मिल कविता।{Man Ki Lehar Book}

आर्य भूः ! क्यों दुखी है १ आर्य भू तव शान्तिजा,’ रमणीयता वह है कहाँ, क्यों म्लान है तेरा बदन, यह दीनता है कैसी यहाँ? क्या अग्निवर्षाक धुन्धकर, ज्वालामुखी पर्वत फटा, जिससे विकृत है आज तेरी,चारुनैसर्गिक छुटा । अथवा यहाँ भूकम्प ने, सर्वनाश किया श्रहो, जिससे दबी तव दिनसंतति, दुःख का कारण कहो। क्या पड़ा … Read more आर्य भूः ! क्यों दुखी है। रामप्रसाद बिस्मिल कविता।{Man Ki Lehar Book}

सवतंत्रता का आवाहन (आहवान) Ram Prasad Bismil Ki Shayari {Man Ki Lehar Book}

ram prasad bismil poems । ram prasad bismil poems in hindi । ram prasad bismil poem । poems of ram prasad bismil in hindi सवतंत्रता का आवाहन (आहवान) Ram Prasad Bismil Ki Shayari (१) किया है हृदयासन त्यार, तुम्हारे आने भर की देर है अगर कुछ वाहन हो दरकार, खड़ा है साहस बनकर शेर। करेंगे … Read more सवतंत्रता का आवाहन (आहवान) Ram Prasad Bismil Ki Shayari {Man Ki Lehar Book}

Ram Prasad Bismil Ki Shayari In Hindi – {Man Ki Lehar Book}

ओ३म् नमस्ते जी🙏 ram prasad bismil poems । ram prasad bismil poems in hindi । ram prasad bismil poem । poems of ram prasad bismil in hindi Man Ki Lehar दोस्तों राम प्रसाद बिस्मिल जी ने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है मन की लहर यह पुस्तक आज आपको ढूंढने से भी कहीं नहीं … Read more Ram Prasad Bismil Ki Shayari In Hindi – {Man Ki Lehar Book}