ब्रह्मचर्य की सिद्धि के आसान से 5 नियम – 5 नियम जो बदल देंगे आपकी जिन्दगी

ब्रह्मचर्य को साधने के 5 नियम यदि आप इस लेख में बताए गए 5 नियमों का ठीक तरीके से पालन करेंगे यदि आप इन्हें समझ गए तो मैं आपको गारंटी देता हूं कि आपका जीवन निश्चित रूप से बदल जाएगा आप आसानी से ब्रह्मचर्य के मार्ग पर आगे बढ़ पाओगे.

दोस्तों आज अनेको युवक युक्तियां ब्रह्मचर्य के मार्ग को अपना रहे है या अपनाना चाहते हैं.परंतु उन्हें अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस लेख को पढ़ने के बाद मैं आपसे वादा करता हूं 100% वादा करता हूं जो कुछ मैं बताऊंगा जैसे-जैसे मैं बताऊंगा यदि आप उसी प्रकार से करेंगे तो निश्चित रूप से आप ब्रह्मचर्य के मार्ग में बिना रुकावट आगे और आगे बहुत आगे बढ़ जाएंगे।

भूतकाल में आज तक आपने जो किया सो किया उसे भूल जाइए हालांकि भूतकाल की कमियों के कारण वर्तमान में जो आपके साथ में गलत कार्य हो रहे हैं उन्हें धीरे-धीरे समाप्त किया जा सकता है। परंतु यदि आप यह सोचे कि भूतकाल में आपने जो गलत कार्य किए हैं हस्तमैथुन आदि किया है जितना शरीर नष्ट किया है उसकी जो कमियां आज आप झेल रहे हैं वह एकदम से खत्म हो जाए तो ऐसा नहीं होता।

ब्रह्मचर्य के रास्ते पर यदि आप सच में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपके अंदर धैर्य जरूर होना चाहिए यदि कोई धेर्यवान व्यक्ति है तो वह अपने प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है कठिन से कठिन रास्ते को पार कर सकता है।

में आपको एक सूचना और देना चाहूंगा। आप जानते ही हैं कि मैं यूट्यूब के माध्यम से युवक-युवतियों को ब्रह्मचर्य और कुंभक आदि के व्यायाम के बारे में जानकारियां देता हूं।

परंतु वर्तमान में मेरा मन यूट्यूब पर वीडियो डालने का नहीं करता है। क्योंकि यूट्यूब अपनी मनमर्जी चलाता है अपनी तानाशाही चलाता है। वीडियो पर वाच टाइम ज्यादा आने पर भी youtube ज्यादा व्येक्तियो तक मेरी वीडियो नही लेजाता.

इसीलिए मेने अभी सोचा है की में अपनी इस वेबसैट पर ही ज्यादा महनत करूँगा.

इसीलिए मैंने एक समूह ब्रह्मचर्य और व्यायाम के लिए काफी पहले टेलीग्राम पर बनाया था उसे मैंने बंद किया हुआ था लेकिन अब मैं चाहता हूं कि युवक युक्तियां उस समूह मेरे साथ जुड़े जो कि वास्तव में इस मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। अब मेने वो समूह सभी के लिए खोल दिया है.

आप उस समूह में मुझसे प्रशन कर सकते है में आपकी मदद जरुर करूँगा.

यदि आप टेलीग्राम के उस समूह में मेरे साथ जुड़ना चाहते हैं तो आप सबसे पहले टेलीग्राम की एप्लीकेशन डाउनलोड कर लीजिए फिर आप यह जो brhamchari_rammurti नाम लिखा है इसको बिल्कुल ऐसे का ऐसा ही टेलीग्राम के सर्च बॉक्स में डालिए। फिर आप मेरे उस समूह में जुड़ जाएंगे यदि आप नाम से ना जुड़ पाए तो आप इस लिंक के माध्यम से जुड़ जाएंगे https://www.t.me/brhamchari_rammurti

यदि समूह में जुड़ने पर कोई समस्या आये तो आप मुझसे यहाँ कमेन्ट में पूछ सकते है

अब हम बात करते हैं ब्रह्मचर्य के उन 5 नियमों की जिनको अपनाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से ब्रह्मचर्य के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है और अपने शरीर के सारे दोषों को दूर कर सकता है।

ब्रह्मचर्य का पहला नियम ब्रह्मचर्य का अर्थ ओर ईश्वर का ध्यान

Brahmacharya Ki Shakti In Hindi

ब्रह्मचर्य की सिद्धि के आसान से 5 नियम ब्रह्मचर्य का अर्थ ओर ईश्वर का ध्यान
Brahmacharya Ka Mahatva

दोस्तों ब्रह्मचर्य में जो पहला ही शब्द ब्रह्म है वह ईश्वर है और जब पहले ही शब्द ब्रह्म है तो हम इसके बिना ब्रह्मचर्य पर आगे बढ़ नहीं सकते जो मनुष्य आपको ब्रह्मचर्य के बारे में जानकारी दें और यह बोले कि आपको ईश्वर की उपासना की जरूरत नहीं है तो वह आपको झूठ बोल रहा है वह एक नंबर का ठग है जो कि अपने अनुसार चीजों को तोड़ मरोड़ कर आपके सामने रख रहा है ओर वो खुद भी भटका हुआ है और आपको भी भटकाएगा तो इस प्रकार के मनुष्यों से आप लोग सदा बच कर ही रहना।

ब्रह्मचर्य का अर्थ पहली नजर में वीर्य की रकशा ही लगता है परन्तु ये संपूर्ण सत्य नहीं है।

ब्रह्म का अर्थ है ईश्वर, वेद, वीर्य आदि,

चर्य का अर्थ है चिंतन, वेदा अध्ययन (वेदों के अलावा जितनी भी आर्ष पुस्तके है उनका स्वाध्याय जेसे सत्यार्थ प्रकाश, मनुस्मृति, और महापुरुषों की वीरता पूर्ण काहानियाँ Story ), रक्षण आदि

यानी कि ब्रह्मचर्य का अर्थ हुआ ईश्वर का चिंतन, वेदों का अध्ययन, वीर्य की रक्षा, आदि।

इसीलिए ईश्वर की उपासना के बिना ब्रह्मचर्य का अर्थ अधूरा है और कोई भी ब्रह्मचर्य को प्राप्त नहीं कर सकता है।

इसीलिए आपको रोज कम से भी कम एक घंटा तो ईश्वर का ध्यान करना ही करना है। ईश्वर का ध्यान केसे करे इसके लिए आप ये वीडियो देखिए ध्यान से

उमीद करता हु आपने ये ऊपर वाली दोनों वीडियो देख ली होंगी.

नियम 2 रात को सोने ओर सुबह उठने का नियम

दूसरा नियम यह है कि आपको अपनी दिनचर्या में सुधार करना होगा आपको अपने सोने और जागने का समय सही करना होगा यदि आप समय पर नहीं सोते हैं और समय पर ब्रह्म मुहूर्त में नहीं उठते हैं तो निश्चित रूप से आप इस मार्ग पर आगे नहीं बढ़ पाएंगे आपको स्वप्नदोष ओर रक्त विकार ओर कब्ज जैसी अनेकों समस्याएं घेर लेंगी।

रात को सोने का सही समय है 9.30 बजे या 10 पर आप जरूर सो जाएं। इसमें कोई किंतु परंतु नहीं चलता।

सुबह आप 3.45 पर जरूर से भी जरूर उठ जाएं इसमें कोई आलस नहीं चलता। बाहानो से काम नहीं चलेगा, ब्रह्मचर्य में कोई छोटा रास्ता नहीं होता धैर्य रखिए इश्वर पर विश्वास रखिये और शांतिपूर्वक आगे बढ़ते जाइए।

नियम 3 प्राणायाम और व्यायाम करें Brahmacharya Aasan

प्राणायाम और व्यायाम में वह ताकत है जो आपकी 7 धातुओं को शुद्ध बनाता है 7 धातुएं ये हैं जो भोजन आपने किया है उससे पहले तो रस बनता है, रक्त ,मांस, मेद,अस्थि ,मज्जा, और आखिर में वीर्य बनता है जब इन सब का निर्माण होता है तो यह हमारे शरीर को पोषण देता है बहुत ताकत देता है रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है।

प्राणायाम और व्यायाम आपको वीर्यवान बनाता है शरीर से हर प्रकार के दूषित पदार्थों को पसीने के द्वारा बाहर निकाल देता है और कुछ को शरीर में ही भस्म कर देता है प्राणायाम और व्यायाम में बहुत अधिक बल होता है।

लंबे गहरे सांस छोड़ने और लेने की क्रिया कीजिए

Brahmacharya Ki Mahima दोस्तों सबसे पहले आपको लंबी गहरी सांस लेने और छोड़ने की क्रिया को करना होगा इस क्रिया को व्यायाम से पहले 15 मिनट जरूर कीजिए इसके बाद आप कुंभक के साथ में सूर्य नमस्कार कीजिए सूर्य नमस्कार करने के बाद में और दूसरी दंड आदि कीजिए इस विषय पर मैंने एक विस्तार से वीडियो बनाई हुई है वहां पर आपको अच्छे से बातें समझ में आ जाएंगे कि आप को कैसे क्या-क्या करना है तो आप यह नीचे वीडियो जो है इसे देखिए फिर आगे लेख पढ़िए।

जब आप अपने सारे व्यायाम कर ले तो उसके बाद में 15 मिनट का शवासन जरूर करें नहीं तो 7 मिनट का 10 मिनट का शवासन जरूर करें ऐसा करने से आपकी दिल की धड़कन सामान्य हो जाएगी श्वास की गति सामान्य हो जाएगी.

अब आप बैठ कर बाह्य प्राणायाम करें यह प्राणायाम आपको शुरुआत में सिर्फ तीन ही बार करना है फिर हर 2 महीने में 1 प्राणायाम को बढ़ाना है अधिकतम प्राणायाम की संख्या 21 तक हम कर सकते हैं. ये भी मोसम और अपने भोजन आदि के ऊपर निर्भर करता है.

इस विषय को गंभीरता से समझने के लिए आपको मेरी वैदिक प्राणायाम की प्लेलिस्ट बना रखी है वह आपको देखनी चाहिए उस लिस्ट का लिंक नीचे दे रहा हूं आप इन्हें देखिएगा शुरुआत के 3 भाग देखने हैं तभी बाह्य प्राणायाम आप को शुरू करना है।

अब आप जो ये निचे वीडियो है इसे देखिये ये पार्ट 1 है जब ये खत्म हो जायेगा तो पार्ट 2 और 3 भी खुद ही आगे आजायेंगे ध्यान से इन्हें देखिये और समझिये कुछ समझ में ना आये तो यंहा कमेन्ट में आप मुझसे पूछ सकते हैं.

अब एक बात और अच्छे से जान लीजिये सबसे अच्छा यह रहेगा कि पहले दिन आप 15 मिनट लंबे गहरे श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया करें उसके बाद में व्यायाम आदि करें।

और अगले दिन आप वह जो आपने लंबा गहरा श्वास लेने की छोड़ने की क्रिया की है उसको बढ़ाना है 20 मिनट 25 मिनट ऐसे बढ़ाकर आपको इसे 1 घंटे तक लेकर जाना है परन्तु पहले ही दीं एसा मत करना 1 घंटे तक जाने में 3 से 4 महीने का समय जरुर लगाना.

फिर यह करने के बाद में आप 10 बार कुंभ के साथ में सूर्य नमस्कार और 10 कुम्भक के साथ में राममूर्ति दंड और 10 कुंभक के साथ में बैठक आपको लगानी है फिर वही शवासन के बाद में आपको जो है बाह्य प्राणायाम करना है।

नियम 4 भोजन क्या ओर केसा लेवें

दोस्तों भोजन बहुत ही ज्यादा जरूरी है भोजन यदि आप शुद्ध और सात्विक लेते हैं तो आपके शरीर में कोई रोग कोई विकार उत्पन्न नहीं होता है शुद्ध सात्विक भोजन यह होता है।

देसी गौ माता का दूध, घी, दही, पनीर, लस्सी, दही, हरी सब्जियां, तोरी, घीया ओर रसदार दूसरी सब्जियां, सेंधा नमक, ताजे फल,।

इस विषय पैर आहार से सम्बन्धित एक लेख है आप इसे पढ़िए तब आपको आहार से संबंधित सारी जानकारियां मिल जाएंगी। आहार क्या है ?

नियम 5 ब्रह्मचर्य और भी आसान

दोस्तों ये नियम 5 इन सबकी नीव है जो अभी तक आपने सिखा है , जैसे मटके की तली में छेड़ हो तो वो कभी भरता नही है इसी प्रकार यदि आप इश्वर का स्मरण नहीं बनाये रखेंगे तो आप कुछ भी गलत कार्य कर सकते हैं.

आपको सदैव ही ईश्वर का स्मरण बनाए रखना है आप कुछ भी कार्य करते हो मन ही मन ईश्वर का ध्यान बनाए रखना है मन ही मन ओ३म् ओ३म् का जाप करते रहना है या फिर आपको कुछ भी करते समय यह आभास अवश्य ही रहना चाहिए कि आपको ईश्वर देख रहा है

ईश्वर आपके आसपास है ईश्वर आपके भीतर है सदैव ईश्वर में ही अपने आप को डूबा कर आप को रखना है ऐसा करेंगे तो आप कभी भी कोई गलत कार्य नहीं करेंगे और ईश्वर के सानिध्य में रहकर आप अवश्य ही कठिन से कठिन मार्ग को आसानी से पार कर जाएंगे।

दोस्तों यदि इस लेख के माध्यम से आपको कुछ अच्छी जानकारी मिली हो आपको लगा हो कि इस लेख को पढ़कर आप अवश्य ही ब्रह्मचर्य के मार्ग में आगे बढ़ पाएंगे तो मैं आपसे एक निवेदन करना चाहूंगा कि आप अपने जैसे ही और भाइयों के साथ में और बहनों के साथ में सोशल मीडिया पर इस लेख को साझा अवश्य ही करें।

क्योंकि मैं काफी मेहनत से समय निकालकर आप लोगों के लिए यह जानकारियां उपलब्ध करवाता हूं तो आप इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करें। ओ३म् नमस्ते जी 

अब आप आखिर में आचार्य नरेश जी की ये वीडियो देखिये

21 thoughts on “ब्रह्मचर्य की सिद्धि के आसान से 5 नियम – 5 नियम जो बदल देंगे आपकी जिन्दगी”

  1. अमित भैया जी आप के बताए गए सभी नियम को मैं अनुसरण करता हु और फिर भी मुझे शरीर मे दुबलापन है मुझे पहले पेट मे अल्सर हुवा था जो अभी तक पुर्ण रूप से ठीक नही हुआ है कोई उपाय बताए ।जिससे ठीक हो सके योग और प्रारयाम से बहुत राहत मिली है मुझे

    Reply
  2. ओ३म्
    नमस्ते जी।🙏
    अमित भाई मे पहले गहरे सांस लेने की क्रीया करता हु। उसके बाद प्राणायाम और फिर व्यायाम करता हु।क्या ये सही है। क्योकीं आपने प्राणायाम आखिर मे करने को लिखा है।

    Reply
    • भाई कुंभक आदि के प्राणायाम आखिर में ही करो मन भी ज्यादा शांत रहेगा, ओर प्राणायाम भी ज्यादा अच्छे से हो पाएंगे

      Reply
  3. Amit bhaiya .Ram.Ram…yadi hm padhne wale bachche hai. hmari badi taiyari hai jisme raat me Jayda jagne ki awshykta Hoti hai tb hm kaise btamhhcharya niyam ka palan kare krpya batane ka kasht kare

    Reply
  4. Bhi ji muje pheasb bhaut ata hi pheasb band ho jane pr maal dawar sankuchan hone lagta hi baar maal eahss hota hi jab ye band ho jata pheasb shur ho jata hi kripya bhiji is samasya saadhan bhaye

    Reply
  5. अमित भाई ॐ .

    वेदों और शास्त्रों के अद्वितीय ज्ञान को शिखना चाहता हू पर संस्कृत नही आती है कोई मार्ग दर्शन करे जिससे कि आसनी हो

    आपका कोटि कोटि आभार होगा

    ॐ..

    Reply
  6. अमितजी, लम्बी समय से हस्तमैथुन का आदत हो तो अचानक ये आदत छोड़ देने पर कोइ शारीरिक दिक्कते (withdrawal syndrome,side effect) आ सकते कया?

    Reply
  7. अमित भाई नमस्कार
    मेरेको साइटिका दिक्कत है
    अपने अपने को साइटिका से ठीक कसे किया
    कृपया वे योग बताये और क्या करना चाहिए

    Reply
  8. भाई हम लोग आर्मी भरती की तयारी करते हे तो सुभे हम पेहेले प्राणायाम करे या फिर running

    Reply
  9. धन्यवाद योगी भाई एप का निर्माण करने के लिए🙏🙏🙏
    हम जरूर आपका एप दुसरो तक पहुंचायेंगे 🚩 जय श्रीराम 🚩

    Reply
  10. Ram Ram Amit Bhai. Aap ka app Aaj download kiya. Bahut Kuchh seekh raha hu. Aap ishwariya kaam Kar rahe h. Aap Se prerna aur margdarshan paakar Bharatwasiyo ka bhala hi hoga. Me apne deshwasiyo Se anurodh karta hu ki we is application ko download awasya kare aur ek bharpur ullasmay jivanpath par sage badhe. Brahmacharya atmakalyan ke saath desh ke liye suyogya netritwa bhi paida karta hai.koti koti dhanyawad.

    Reply
  11. amit bhaiya me 8 saal se swandosh, sighrapatan ka shikar hoo. me brahmachaya ka palan karta hoo par 20 din se jada ni reh pata. par ab meri nokri force me lag chuki h to raat ko jagna bhi padta h bhai me kya karoo bataiye byasta dincharya ki or night duty ki wajah se me subha pranayam nii kar pata. ab meri shadi bhi h or mujhe ab under se dar laga rehta h

    Reply

Leave a comment