आयुर्वेद की अनूठी चिकित्सा – सच्ची कहानी

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति

आयुर्वेद की शक्ति का महत्व इस सच्ची कहानी को पढ़ कर मिल जाता है एक रियासत के राजा अचानक गंभीर रुप से बीमार हो गए भूख प्यास पूरी तरह समाप्त हो जाने से उनका शरीर पीला पड़ता गया और जर्जर होने लगा।

राजकुमार तथा अन्य परिवार जनों ने बड़े-बड़े चिकित्सकों से उनकी जांच करवाई अंत में उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि इनके शरीर की ग्रंथियों से निकलकर मुंह में आने वाला लार बनना बंद हो गया है लार ही पाचन क्रिया का प्रमुख साधन है उसका बनना बंद होने से भूख प्यास से वंचित होना पड़ता है। किन्तु इस बीमारी की जड़ का तो पता एक आयुर्वेद का वेध ही लगा सकता है।

आयुर्वेद की उपयोगिता

एलोपैथी पद्धति के बड़े-बड़े चिकित्सकों को मुंबई कोलकाता से बुलाया गया कई विदेशी डॉक्टर भी बुलाए गए सभी ने अपनी-अपनी दवाई दी किंतु राजा साहब को रोग मुक्त नहीं किया जा सका अब तो राज्य के तमाम लोग यही समझने लगे कि राजा साहब की मृत्यु निकट आ गई है।

एक दिन अचानक राज्य के किसी गांव के बुजुर्ग आयुर्वेद आचार्य वैध जी नगर में आए उन्हें बताया गया कि हमारे राजा साहब एक भयंकर बीमारी से ग्रस्त हैं यह बीमारी असाध्य घोषित की जा चुकी है कोलकाता मुंबई तक के डॉक्टर उनका इलाज करने में असमर्थ रहे हैं।

आयुर्वेदिक चिकित्सा आयुर्वेद

वैद्य जी राजा के प्रधानमंत्री के पास पहुंचे और बोले मैं भी आपके राज्य का एक नागरिक हूं मैंने जब राजा साहब की बीमारी के बारे में सुना तो अपना कर्तव्य समझकर राज महल तक आया हूं क्या मैं राजा साहब को देख सकता हूं पहले तो प्रधानमंत्री ने उस धोती कुर्ता पहने माथे पर तिलक लगाए सादे वेश भूषा वाले ग्रामीण वैध को देखकर उपेक्षा भाव दर्शाया परंतु अंत में सोचा कि राजा को इन्हें दिखा देने में क्या हर्ज है उन्हें राजा के कमरे में ले जाया गया।

वैध जी ने राजा की नब्ज देखी उनकी आंखों तथा जीभ का जायजा लिया अचानक वैध जी के मुख पर मुस्कुराहट दौड़ गई वह राजकुमार तथा प्रधानमंत्री से बोले मैं रोग को समझ गया हूं अब यह बताओ कि इन्हें दवा खिलाकर स्वस्थ करूं या दवा दिखा कर?

कुछ देर चुप रहने के बाद वैध जी ने कहा आप 10 युवक 10 चाकू तथा 10 निंबू मंगाइए मैं अभी इन्हे रोग मुक्त करके पूर्ण स्वस्थ बनाता हूं यह सुनकर सभी आश्चर्य में पड़ गए कि वैध जी का यह अनूठा नुस्खा आखिर किस तरह राजा साहब को स्वस्थ कर सकेगा सब ने कहा लगता है वैध कोई सनकी है।

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आयुर्वेद के सिद्धांत

विचार विमर्श के बाद युवकों को चाकू तथा नींबू की व्यवस्था कर दी गई।

वैध जी ने दसों युवकों को लाइन में खड़ा कर दिया सभी के हाथ में एक नींबू तथा चाकू थमा दिया उन्हें बताया कि मैं जैसे ही संकेत करूं एक युवक राजा साहब की शैया के पास पहुंचे उनके मुख के पास नींबू ले जाए नींबू को चाकू से काटे तथा उसके दोनों हिस्से वहां रखे बर्तन में निचोड़ दें इसके बाद दूसरा युवक भी ऐसा ही करें।

राजा साहब के कमरे में रानी राजकुमार प्रधानमंत्री आदि बैठे इस अनूठी चिकित्सा के प्रयोग को देख रहे थे वैध जी के संकेत पर एक युवक कमरे में आया उसने राजा साहब को प्रणाम किया नींबू मुंह के पास ले जाकर चाकू से काटा तथा उसके दोनों हिस्सों को निचोड़ दिया।

तीन युवकों के इस प्रयोग के बाद राजा साहब ने जीभ चलाई चौथे युवक ने जैसे ही नींबू काटकर निचोड़ा कि राजा साहब की आंखों में चमक आने लगी नींबू के रस की धार को देखकर नींबू का चिंतन करके राजा साहब के मुंह में पानी आने लगा यानी की लार आने लगी उनकी ग्रंथियों ने लार बनानी शुरू कर दी थी।

देखते ही देखते राजा साहब का मुंह लार से भरने लगा वैध जी ने उन्हें नींबू के रस में तुलसी पत्र तथा काली मिर्च डलवा कर पिलवाई कुछ ही देर में राजा साहब उठ बैठे उनके शरीर की लार बनाने वाली ग्रंथियां अपना कार्य करने लगी थी।

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इस पूरी जानकरी को आप वीडियो में भी देख सकते है

आज के परिप्रेक्ष्य में आयुर्वेद की उपयोगिता

अब तो राजा साहब का पूरा परिवार उन ग्रामीण वैध जी के प्रति नतमस्तक हो उठा था बड़े-बड़े अंग्रेजी पद्धति के डॉक्टर राजा साहब को निरोगी नहीं बना पाए थे वही एक साधारण व्यक्ति ने अपने एक देसी नुस्खे से राजा साहब को रोग मुक्त कर दिखाया था।

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आयुर्वेद की परिभाषा एवं महत्व

राज परिवार के लोगों ने वैध जी को स्वर्ण मुद्राएं इनाम में देनी चाहिए पर उन्होंने कहा मैं इस राज्य का नागरिक हूं क्या मेरा यह कर्तव्य नहीं है कि मैं अपने राजा के स्वास्थ्य के लिए कुछ करूं और उन्होंने इनाम लेने से इनकार कर दिया।

3 thoughts on “आयुर्वेद की अनूठी चिकित्सा – सच्ची कहानी”

  1. मैं इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाने में तुम्हारी मदद करूंगा मतलब आर्य राष्ट्र तुम मुझे अपना भाई मानो तुम्हारी मदद करूंगा मेरा नाम विशाल आर्यावर्त है मित्र तुम्हें जो चाहिए तुम लेना लेकिन मुझे इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाने में सहायता करो मैं पूरी तरह से कट्टर हिंदू हूं मैं मुसलमानों को हिटलर की तरह एक-एक करके जला जला के मारूंगा कोई भी मुसीबत बड़ी नहीं होती है यह सब बिल्कुल आसान है जो पे भरोसा रखो मैं खुद पर भरोसा रख रखा हूं इसीलिए मैं तुम्हारी मदद करना चाहता हूं और तुम मेरी मदद करो इस देश को आर्यों की भूमि बनाने दो प्लीज मेरी मदद करो तुम्हारी बहुत बड़ी कृपा होगी और इस कमेंट को पढ़ने के बाद मुझे रिप्लाई जरूर करना अगर तुम मदद नहीं करोगे तो मैं किसी और से मदद लूंगा लेकिन मेरे देश को हिंदू राष्ट्र बना कर रहूंगा मेरा 2000 हजार सालों का सपना हे

    जय श्री राम जय आर्यवर्त
    इस आय को भूमि को कोटि-कोटि कोटि नमस्कार
    जय हिंद जय भारत अखंड भारत

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