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Krishna Janmashtami 2018 दुष्टो के मैसेज शेयर करना बंद करो इसे शेयर करो

Krishna Janmashtami

🙏🏻योगी राज श्री कृष्ण की जय🙏🏻)

दुष्टो द्वारा श्री कृष्ण जी को बदनाम करने के लिए घटिया मैसेज फैलाया जा रहा है उसके जवाब में हमने ये मैसेज बनाया है यदि आप हिन्दू हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे

03-09-2018 तारीख़ को दुनिया के सबसे बड़े योगी राज का जन्मदिवस है

💥 इनके बाद ऐसा महान चरित्रवान महान योगी दुनिया में कोई दूसरा नहीं हुआ 💥

👉🏻महाभारत में जिनको सबसे आदरणीय बताया गया है।

👉🏻जरासंध जैसे दुष्ट को मारा अनेको राजाओ को उसकी कैद से छुड़वाया

👉🏻 छोटी उम्र में ही अपने बाहुबल से कंस को मारा कंस ने अपने माँ बाप को बंदी बनाया था …

👉🏻बंकिम चंद्र चटर्जी जिन्होंने वंदे मातरम लिखा था उन्होंने 36 वर्षों तक महाभारत पर अनुसंधान किया था उन्होंने कहा है कि महाभारत के अनुसार श्री कृष्ण जी की केवल एक ही पत्नी थी जो कि रुकमणी थी ……

👉🏻ऋषि दयानंद सत्यार्थ प्रकाश में लिखते हैं पूरे महाभारत में कृष्ण जी के चरित्र में कोई दोष नहीं मिलता उन्हें वह श्रेष्ठ पुरुष कहते हैं ऋषि दयानंद श्री कृष्ण जी को महान विद्वान कुशल राजनीतिज्ञ सदाचारी और सर्वथा निष्कलंक मानते हैं।

👉🏻 योगी राज की एक ही पत्नी थी सिर्फ रुक्मणि…..

👉🏻 श्री कृष्ण और रुक्मणि ने 12 वर्ष तक ब्रह्चारी पालन कर एक माहा प्रतापी पुत्र को जन्म दिया

👉🏻जो नारी जाती का सदैव सम्मान किया करते थे ….

👉🏻 पांडवों द्वारा जब राजसूय यज्ञ किया गया तो श्री कृष्ण जी महाराज को यज्ञ का सर्वप्रथम अर्घ प्रदान करने के लिए सबसे ज्यादा उपर्युक्त समझा गया ……..

👉🏻राजसूय यज्ञ किया गया तो श्री कृष्ण जी महाराज की श्रेष्ठता देखिये उन्होंने सभी आगंतुक अतिथियो के धुल भरे पैर धोने का कार्य भार लिया……http://www.amitaryavart.com

👉🏻 जिन्होंने कूटनीति से बिना हथियार उठाये न केवल दुष्ट कौरव सेना का नाश कर दिया बल्कि धर्म की राह पर चल रहे पांडवो को विजय भी दिलवाई। Amit Aryavart

💥💥🙏🏻 जन्माष्टमी– की –हार्दिक शुभकामनाएँ सबसे –पहले 🙏🏻💥💥

और अधिक जानने के लिए आप हमारी ये वीडियो देख सकते है

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जन्माष्टमी 2018 क्या श्री कृष्ण जी की 16000 रानियां थी?

Krishna – अक्सर आपने लोगों को यह कहते हुए सुना होगा विधर्मियों को यह कहते हुए सुना होगा कि श्री कृष्ण जी की 16000 रानियां थी यदि कोई व्यक्ति साधारण बुद्धि रखता है तो वह विचार कर सकता है क्या कोई व्यक्ति 16000 स्त्रियों से विवाह कर सकता है यह बात दुष्टों के द्वारा योगीराज श्री krishna जी का जो चरित्र है वह खराब करने के लिए यह बातें कही गई है। यह जितनी भी आप कहानियां सुनते है ना श्री krishna जी के बारे में यह सब की सब पुराणों से ली गई है। सत्य बात यह है कि इनका श्री कृष्ण जी के साथ में कोई भी लेना देना नहीं है।

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जन्माष्टमी 2018 पर योगीराज श्री कृष्ण जी पर असली जानकारी। असली कृष्ण कौन से पुराणों वाले या महाभारत वाले

सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि हम महाभारत की बात पर क्यों यकीन करें और पुराणों की बातों पर क्यों यकीन ना करें देखें दोस्तों महाभारत योगीराज श्री कृष्ण जी के समय में घटित हुई थी और महाभारत वेदव्यास जी ने लिखी थी जोकि कृष्ण जी के समकालीन थे और उन से अधिक कृष्ण जी के बारे में बाद वाले भला क्या जान सकते थे तो उन्होंने कहीं पर भी krishna जी को गलत नहीं लिखा है बल्कि महाभारत में तो उनको सबसे आदरणीय बताया गया है।

देखिए महाभारत में लिखा है

पांडवों द्वारा जब राजसूय यज्ञ किया गया तो श्री कृष्ण जी महाराज को यज्ञ का सर्वप्रथम अर्घ प्रदान करने के लिए सबसे ज्यादा उपर्युक्त समझा गया जबकि वहां पर अनेक ऋषि मुनि , साधू महात्मा आदि उपस्थित थे। वहीँ श्री कृष्ण जी महाराज की श्रेष्ठता देखिये उन्होंने सभी आगंतुक अतिथियो के धुल भरे पैर धोने का कार्य भार लिया। श्री कृष्ण जी महाराज को सबसे बड़ा कूटनितिज्ञ भी इसीलिए कहा जाता है क्यूंकि उन्होंने बिना हथियार उठाये न केवल दुष्ट कौरव सेना का नाश कर दिया बल्कि धर्म की राह पर चल रहे पांडवो को विजय भी दिलवाई। अब आप बताइये क्या भला कोई लम्पट, व्यभिचारी , ये सब कार्य कर सकता है?

कृष्ण जी महाराज की 16000 रानियों वाली बात क्या है ?

दुष्ट लोग हमेशा कहते हैं कि कृष्ण जी तो 16000 रानियां रखते थे वह व्यभिचारी थे।

अब इसका विरोध करने वाले क्या कहते हैं यह भी जान लीजिए
इस बात का विरोध करने वाले कहते हैं कि उस समय कोई दुष्ट था जो असम का राजा था और उसने 16000 रानियों को यानी कि 16000 राज्यों की स्त्रियों को रानियों को अपनी कैद में रखा था उनसे सम्भोग आदि करने के लिए। सत्य बात तो यह भी नहीं है।

सच तो दोस्तों यह है कि जो 16000 रानियों वाली कल्पना है यह पूरी की पूरी झूठ है ऐसा कभी कुछ हुआ ही नहीं था आप कल्पना कीजिए 16000 रानी है यानी कि 16000 राज्य पूरे भारत को अफगानिस्तान को इराक को सबको भी आप  मिला देंगे तब भी 16000 राज्य नहीं बनेंगे कोई एक 1 किलोमीटर के राज्य नहीं होते थे बहुत अधिक क्षेत्रफल के राज्य होते थे और यदि मान भी लिया जाए कि 16000 राज्यों को हराकर उनकी रानियों को कैद किया गया था तो उसमें भाई पांडव और कौरव की उनके घर की महिलाओं को कैसे छोड़ दिया उसने यह मात्र कोरी कल्पना है और कुछ भी नहीं है। यह बात पूरी की पूरी झूठ और मिलावटी है जो कि किसी भी प्रकार तरक की कसौटी पर खरी नहीं उतरती।

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1- बंकिम चंद्र चटर्जी जिन्होंने वंदे मातरम लिखा था उन्होंने 36 वर्षों तक महाभारत पर अनुसंधान किया था और श्री कृष्ण जी महाराज पर उत्तम ग्रंथ लिखे थे तो उन्होंने कहा है कि महाभारत के अनुसार श्री कृष्ण जी की केवल एक ही पत्नी थी जो कि रुकमणी थी और उनकी जो 16000 पत्नियां दो या तीन पत्नियां यह केवल कोरी कल्पना मात्र है और ऐसा सवाल ही पैदा नहीं होता कि उनकी 16000 पत्नियां थी।

2- हमारे देश में अभी एक ऋषि हुए थे जिनका नाम था ऋषि दयानंद वह अपनी सत्यार्थ प्रकाश में कृष्ण के बारे में क्या लिखते हैं चलिए जानते हैं। ऋषि दयानंद लिखते हैं पूरे महाभारत में कृष्ण जी के चरित्र में कोई दोष नहीं मिलता उन्हें वह श्रेष्ठ पुरुष कहते हैं ऋषि दयानंद श्री कृष्ण जी को महान विद्वान कुशल राजनीतिज्ञ सदाचारी और सर्वथा निष्कलंक मानते हैं।

यहां पर हमें एक बात जान लेनी चाहिए कि महाभारत में कृष्ण जी के बारे में कहीं पर भी कोई भी गलत बात नहीं लिखी गई है और ना ही किसी राधा का जिक्र आता है तो श्री krishna जी के साथ में रही हो तो कृष्ण को बदनाम किसने किया किसने झूठ लिखा उनके बारे में आइए हम आपको प्रमाण के साथ बताते हैं कृष्ण के बारे में झूठ किसने लिखा उन्हें कलंकित किया यह सब कार्य किया पाखंडियों के पुराणों ने उन पाखंडियों ने पुराणों को ऋषियों के नाम से लिखा था कि कोई उन पर शक ना कर सके।

ऐसे महान व्यक्तित्व पर चोर, लम्पट, रणछोर, व्यभिचारी, चरित्रहीन , कुब्जा से समागम करने वाला आदि कहना अन्याय नहीं तो और क्या है और इस सभी मिथ्या बातों का श्रेय पुराणों को जाता है।

चलिए अब कुछ पाखंडियो और पुराणों के विचार जानते है

इस्कॉन से तो आप सभी परिचित ही होंगे इस्कॉन के जो संस्थापक थे प्रभुपाद जी उनके अनुसार श्री कृष्ण को सही प्रकार से जानने के बाद आप वैलेंटाइन डे को जान पाएंगे यानी व्यभिचार करने वाला दिन को जान पाएंगे।

पुराणों में लिखा है श्रीकृष्ण के साथ गोपियों की रासलीला का झूठा मिथ्या वर्णन।

विष्णु पुराण अंश 5 अध्याय 13 श्लोक 59-60 में लिखा गया है
गोपियां अपने पति, पिता और भाइयों के रोकने पर भी नहीं रूकती थी रोज रात्री को भी व्यक्ति विषय भोग की इच्छा रखने वाली Krishna के साथ रमण भोग किया करती थी कृष्ण भी अपनी किशोर अवस्था सम्मान करते हुए रात्रि के समय उनके साथ रमण किया करते थे।

इससे आगे मैं किसी पुराण में लिखी हुई अश्लील बातें अपने इस लेख में नहीं लिखूंगा सिर्फ मैं आपको प्रमाण के लिए उन पुराणों के नाम ही बताऊंगा

योगीराज श्री कृष्ण जी को बदनाम इन पुराणों ने किया है।

विष्णु पुराण, भागवत पुराण, ब्रह्मा वैवर्त पुराण,

आप हमारी वीडियो भी देख सकते है

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