Category Archives: pdf books in hindi

Brahmacharya ब्रहाचर्य ही अमृत है मिर्त्यु को जिताने वाला


Brahmacharya ब्रहाचर्य जीवन का सार तत्व है दूध में घी का जो स्थान है तिल में तेल का जो महत्व है गन्ने में रस का जो स्थान है शरीर में वीर्य का भी वही महत्व एवं स्थान है अतः जिस प्रकार एक जोहरी अपने मूल्यवान हीरो की रक्षा और देखभाल करता है उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को हीरे और मणियों से मूल्यवान अपने वीर्य की संभाल रक्षा करनी चाहिए।

चलिए आपको एक पुरानी सच्ची घटना बताता हूं बहुत से व्यक्ति सोचते हैं कि brahmacharya ब्रहाचर्य केवल भारत से ही संबंधित है और भारत से बाहर इसका कभी कोई वजूद नहीं रहा है । आप ने यूनान के प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात के बारे में तो सुना ही होगा


Brahmacharya Benefits In Hindi


Brahmacharya Benefits

एक बार सुकरात के पास में एक व्यक्ति आया उसने पूछा स्त्री प्रसंग कितनी बार करना चाहिए ?

सुकरात ने उत्तर दिया जीवन में केवल एक बार और वह भी विषय भोग के लिए नहीं अपितु वंश चलाने के लिए।

उस व्यक्ति ने पुनः पूछा यदि इतना संयम ना हो सके तो क्या करना चाहिए सुकरात ने कहा यदि इतना नहीं हो सकता तो वर्ष में एक बार

उस व्यक्ति ने दोबारा पूछा यदि इससे भी तृप्ति ना हो तो?

सुकरात ने उत्तर दिया महीने में एक बार

उस व्यक्ति ने फिर पूछा यदि इससे भी संतुष्टि ना हो तो तो सुकरात ने कहा ऐसे विषय व्यक्ति को कफन अपने पास लाकर रख लेना चाहिए और कबर खुदवाकर तैयारी रखनी चाहिए फिर कितनी बार इच्छा हो उतनी बार विषय भोग कर सकता है।


Brahmacharya and success

योगेश्वर श्रीकृष्ण एक पत्नीव्रता थे उन्होंने 12 वर्ष तक कठोर Brahmacharya का पालन कर प्रद्युम्न नामक पुत्र को प्राप्त किया था जो रंग, रूप, बल, बुद्धि आदि गुणों में श्री कृष्ण के ही अनुरूप था ए श्री कृष्ण के उपासकों श्री कृष्ण के जीवन से शिक्षा लो और ऋतुकालगामी बनो।

Brahmacharya

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी विवाह के पश्चात 12 वर्ष तक राज महलों में रहे फिर 14 वर्ष तक सीता जी के साथ वनों में भ्रमण करते रहे दोनों ने पूर्ण ब्रहाचर्य का पालन किया।  राम की पूजा करने वालों श्री राम के गुणों को अपने जीवन में धारण करो ब्रह्मचर्य पालन करते हुए केवल ऋतुकाल में और वह भी केवल संतान प्राप्ति के लिए सहवास करो।

विवाह के पश्चात युवक समझते हैं कि हमें विषय भोग का पासपोर्ट मिल गया है अतः आरंभ में वे स्त्री सहवास में ही लिन रहते हैं इसी को सच्चा प्रेम और जीवन का उद्देश्य समझते हैं परंतु यह भयंकर भूल है ओ नवविवाहित दंपति सावधान अधिक संभोग अनुचित है इससे आपको सुख शांति और बल की प्राप्ति नहीं होगी। इसे सच्चा प्रेम समझना मूर्खता है इससे शरीर और आत्मा दोनों का पतन होता है इच्छा ना होने पर भी पत्नी के साथ सहवास करना हस्तमैथुन के समान घातक है बल्कि उससे भी भयंकर है। हस्तमैथुन के द्वारा तो मनुष्य अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारता है अपना ही नाश करता है लेकिन स्त्री व्यभिचार में पुरुष स्त्री को भी बर्बाद करता है।

Brahmacharya का नाश हस्थमैथुन के कुप्रभाव

हस्तमैथुन से इंद्रिय की दुर्बल निर्बलता हिस्ट्री की कमी सिर में दर्द कमर हाथ पैर और जोड़ों में दर्द आंखों के आगे अंधेरा छा जाना कवच बुद्धि नाशक सपन दोष और परमेश जैसी भयंकर व्याधियों उत्पन्न हो जाती है सिर के बाल समय में ही सफेद हो जाते और झड़ने लगते हैं शरीर पीला कांति ही रोगी और दुर्बल हो जाता है ऐसे लोगों की स्त्रियां भी वयभिचारिणी बन जाती है।

शरीर के ऊपर भी इसका भयंकर प्रभाव होता है बार-बार वीर्य निकलने से शरीर को भारी धक्का पहुंचता है हृदय कमजोर हो जाता है मनुष्य नपुंसक ओर भिरू बन जाता है लोगों के सामने जाने में वह भयभीत होता और शर्माता है।
Brahmacharya

व्यायाम ब्रह्मचर्य रक्षा के लिए व्यायाम अत्यंत आवश्यक है ब्रह्मचारी को प्रतिदिन नियम पूर्वक व्यायाम करना चाहिए व्यायाम वह संजीवनी है वह श्रेष्ठ रसायन है जिसके सेवन से दुर्बल व्यक्ति भी हष्ट पुष्ट बन जाते हैं रॉकी निरोगी अल्प आयु दीर्घायु और दुराचारी सदाचारी बनता है। निरंतर व्यायाम से इंद्रियां निर्विकार और शांत हो जाती है शरीर में नवयुवक और नव चेतना तथा स्फूर्ति का संचार होने लगता है व्याधियों दूर भागती है रोग सहसा आक्रमण नहीं करते अतः प्रत्येक ब्रह्मचारी को नित्य नियमित व्यायाम करना चाहिए।

राम प्रसाद बिस्मिल जी की जीवनी हिंदी की सर्वश्रेष्ठ आत्मकथा

एक सच्ची घटना 1 दिन एक युवक अपनी धर्म पत्नी के साथ एक वैध के पास आया अपनी धर्मपत्नी की परीक्षा कराई स्त्री को जुकाम और खांसी की शिकायत थी, मन्द मन्द जवर भी रहता था नवयुवक ने बताया कि उसकी पत्नी को यह बीमारी लगभग 3 वर्ष से है वैध जी ने पूछा आपका विवाह कब हुआ था युवक ने कहा 4 वर्ष पूर्व वैद्य जी ने कहा मेरा विचार है यह बीमारी भी उतना ही पुराना है स्त्री ने यह बात स्वीकार की वैद्य जी उस युवक को एक दूसरे कमरे में लाए और युवक से कहा इसकी बीमारी का कारण तुम हो तुम अधिक स्त्री सहवास करते हो और वह भी भोजन के ठीक पश्चात तुम्हारे अत्याचार का फल वह भोग रही है यह है अधिक सहवास का परिणाम।

brahmacharya and success,brahmacharya benefits,brahmacharya power in hindi,brahmacharya ki shakti in hindi

व्यायाम में दंड बैठक दौड़ तैरना आदि अपनी रूचि के अनुसार कोई भी चुन सकते हैं परंतु ब्रह्मचर्य रक्षा और स्वास्थ्य के लिए योगा आसनों को ही सर्व श्रेष्ठ एवं उपयोगी समझा जाता है।

योगासनों के द्वारा सिर दर्द खांसी जुखाम अपच अजीत दंत रोग नेत्र रोग आदि आजीवन नहीं होते सपन दोष दूर हो जाता है मुख्य मंडल पर लावण्य और आभा आ जाती है कार्य करने की शक्ति बढ़ जाती है आलस्य और सुस्ती पास नहीं पड़ती।

कुछ युवक कहते हैं क्या व्यायाम करें खाने को पोस्टिक पदार्थ तो मिलते ही नहीं ऐसा सोचना एक भूल है डॉक्टर ने महोदय का कथन है मनुष्य जितना खा लेता है उसका तिहाई सा भी नहीं बचा सकता शेष पेट में रहकर रक्त को विषैला बनाकर असंख्य विकार उत्पन्न करता है। व्यायाम करने पर हमारा भोजन हमारे सुंदर स्वास्थ्य का कानून बनेगा व्यायाम के द्वारा हम अपने भोजन को ठीक प्रकार बचाकर बीमारियों को दूर धकेल सकेंगे हम आपको पहलवानों की भांति 8-8 घंटे व्यायाम करने की सलाह नहीं देते। जो प्रतिदिन सहस्त्र दंड बैठक लगाते हैं उनके लिए पोस्टिक भोजन की आवश्यकता है परंतु जी से केवल आध घंटे व्यायाम हे करना है उसके लिए बादाम मलाई दूध और रबड़ी की आवश्यकता नहीं। व्यायाम के द्वारा मनुष्य का शरीर पुष्ट होता है उसके बुद्धि तेज यश और बल बढ़ते हैं अतः प्रत्येक व्यक्ति को बयान करना चाहिए।

इसलिए जो ब्रह्मचारी रहना चाहते हैं Brahmacharya ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहते हैं उन्हें व्यायाम रोज करना चाहिए और अधिक जानकारी के लिए आप नीचे व्यायाम का महत्व नामक पुस्तक है उसे डाउनलोड कर सकते हैं और ब्रह्मचर्य के ऊपर एक पुस्तक है उसे भी आप डाउनलोड कर सकते हैं और पढ़ सकते हैं।

ब्रहाचर्य गौरव पुस्तक यहा से डाउनलोड करें


व्यायाम का महत्व पुस्तक यहा से डाउनलोड करे

व्यायाम का महत्व vyayam ka mahatva short essay in hindi

व्यायाम का महत्व Vyayam Ka Mahatva दोस्तों आज इस लेख में आप व्यायाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे जिसे पढ़कर आप में एक जिज्ञासा उत्पन्न होगी कि आप भी आज से ही व्यायाम शुरू कर दें जिससे कि आप सुखी और स्वस्थ जीवन जी सकें और किसी पर बोझ ना रहे दोस्तों व्यायाम का महत्व पर एक महत्वपूर्ण छोटी सी पुस्तिका है जिसे स्वामी ओमानंद जी ने लिखा था नीचे उसको डाउनलोड करने का लिंक दिया गया है वहां से आप इस छोटी सी पुस्तिका को डाउनलोड कर सकते हैं और अपने जीवन में लाभ उठा सकते हैं।

व्यायाम का महत्व vyayam ka mahatva short essay in hindi

व्यायाम का महत्व
benefits of Exercise in Hindi

दोस्तों पुरुष हो या महिला हम सभी भोजन करते हैं और जो व्यक्ति बिना व्यायाम के रहते हैं उनका भोजन कभी नहीं पचता अनेकों रोगों का वह भोजन कारण बन जाता है क्योंकि वह पचता नहीं आपके पेट में सड़ जाता है। और हम सभी को अधिकार है कि हम हम सभी अपना शरीर स्वस्थ बना सकें क्योंकि जो स्वस्थ मनुष्य होते हैं उनके लिए धरती स्वर्ग के समान होती है किंतु जो रोगी होते हैं उनके लिए यही धरती नर्क के समान होती है चाहे उस व्यक्ति के पास में कितना भी धन क्यों ना हो फिर भी यदि वह व्यायाम का महत्व नहीं समझ पाता है तो रोगी ही रहता है और जल्दी ही मौत के मुंह में पहुंच जाता है। benefits of Exercise in Hindi

मैं आपको छोटी सी सत्य घटना बताता हूं प्रोफेसर राम मूर्ति का नाम तो आपने सुना ही होगा यदि नहीं सुना है तो गूगल पर आप सर्च कीजिए उनके बारे में आपको महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी प्रोफेसर राममूर्ति व्यायाम का महत्व समझते थे और ब्राहाचर्य का महत्व भी समझते थे प्रोफेसर राममूर्ति खूब व्यायाम करते थे और ब्रह्मचारी भी थे जिसके कारण उनके शरीर में बहुत ही अधिक बल था और वह हमेशा अधिक से अधिक भयंकर से भयंकर और आश्चर्यचकित कर देने वाले करतब दिखाया करते थे वह हाथी को अपनी छाती पर 5 मिनट तक रोकने में समर्थ थे। एक बार वह यूरोप में गए हुए थे तो वहां पर उनसे कुछ लोग घृणा करते थे जिसके कारण उन्होंने प्रोफेसर राममूर्ति के भोजन में विश मिला दिया और प्रोफेसर राम मूर्ति को इस बात का पता चल गया लेकिन तब तक उन्होंने भोजन कर लिया था। तब प्रोफेसर राम मूर्ति ने 15000 दंड लगा दिए और पसीने के द्वारा सारा विश शरीर से बाहर निकाल दिया। प्रोफेसर राममूर्ति को कलयुग का भीम भी कहा जाता है।


vyayam ka mahatva short essay in hindi

vyayam ka mahatva letter in hindi

जब आप और हम व्यायाम करते हैं तो पसीने के द्वारा हमारे शरीर से अनेकों प्रकार का विष बाहर निकल जाता है यह बात वही समझ सकता है जो व्यायाम का महत्व समझता हो।

ब्रह्मचारी राम प्रसाद बिस्मिल एक महान क्रांतिकारी थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण दे दिए इन्हीं के संगठन में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह भी शामिल हुए थे उनकी जीवनी यदि आपने पढ़ी होगी तो आप जानते होंगे कि राम प्रसाद बिस्मिल पहले बहुत ही गलत संगति में पड़े हुए थे उनको नशे की आदत भी थी लेकिन जब उन्हें सत्यार्थ प्रकाश पुस्तक मिली तो वह लिखते हैं कि सत्यार्थ प्रकाश पुस्तक को पढ़कर उनका जीवन ही बदल गया और उन्होंने उस में लिखे हुए ब्राहाचर्य के पालन के सख्त नियम पालन करने शुरू कर दिए राम प्रसाद बिस्मिल जी सिर्फ एक कंबल को तकत पर बिछा कर सोया करते थे और सुबह 4:00 बजे उठ जाया करते थे फिर व्यायाम आदि किया करते थे ईश्वर की उपासना किया करते थे और ब्राहाचर्य के पालन से ही उनमें बहुत ही अधिक बल था सामने से कोई भी दुश्मन उनको देखकर डर कर भाग जाया करते थे राम प्रसाद बिस्मिल जी के बारे में जानने के लिए उनकी आत्मकथा पढ़िए उसे डाउनलोड करने का लिंक भी आपको नीचे ही मिल जाएगा।

राम प्रसाद बिस्मिल जी एक बात कहा करते थे कि यदि विद्यार्थियों के पास में व्यायाम करने का समय कम है तो उन्हें प्रोफेसर राम मूर्ति की दंड लगानी चाहिए इस दंड से कुछ समय में ही अच्छा खासा व्यायाम हो जाता है तो मुझे उम्मीद है कि आप इन बातों पर ध्यान देंगे और आज से ही व्यायाम और ब्रह्मचर्य का पालन शुरू कर देंगे जिससे कि आप वास्तव में इस देश का कुछ भला कर पाए।


व्यायाम का महत्व पुस्तक यहा से डाउनलोड करे



…………………………………..
रामप्रसाद बिस्मिल की जीवनी यहाँ से डाउनलोड करें

vyayam ka mahatva anuched in hindi. vyayam ka mahatva short essay in hindi. vyayam ka mahatva letter in hindi. vyayam ka mahatva essay in hindi for class 7.vyayam ka mahatva essay in hindi for class 4. vyayam ka mahatva essay download in marathi. vyayam ka mahatva essay in hindi for class 5.khel kud aur vyayam ka mahatva

राम प्रसाद बिस्मिल जी की जीवनी हिंदी की सर्वश्रेष्ठ आत्मकथा

राम प्रसाद बिस्मिल जी का जन्म सन 1897 में हुआ था और सन 1927 में वह अपने जीवन का बलिदान कर गए इस जनम भूमि भारतवर्ष के लिए यानी कुल उन्होंने 30 वर्ष की उम्र ही पाई जिनमें 11 वर्ष क्रांतिकारी जीवन में व्यतीत हुए हमें गर्व है कि ऐसा महान क्रांतिकारी इस भारत भूमि पर जनमा जिससे हम आज भी प्रेरणा ले रहे हैं।

 

दोस्तों इस लेख में जो कुछ भी आप आज पढ़ेंगे यह सब कुछ आप राम प्रसाद बिस्मिल जी की जीवनी में पढ़ सकते हैं नीचे में डाउनलोड का बटन दे दूंगा वहां से आप रामप्रसाद बिस्मिल जी की आत्मकथा डाउनलोड कर सकते हो ।

 

दोस्तों राम प्रसाद बिस्मिल जी की जीवनी हिंदी की सर्वश्रेष्ठ आत्मकथा में से एक मानी जाती है जब आप इसे पढ़ना प्रारंभ करते हैं तो आप जब तक इसे पूरा ना पढ़ले बीच में हटने का मन नहीं करता है।

राम प्रसाद बिस्मिल

दोस्तों अपना आत्मचरित्र लिखना कोई आसान काम नहीं है क्योंकि पहले तो अपने आप को पहचानना ही मुश्किल है और फिर पाठकों के सम्मुख अपनी जिंदगी के किन् अंशों को लाना सही है और किन को ना लाना यह निर्णय करना ही कठिन है और इन सबसे अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठता है कि क्या हमारे जीवन में कोई ऐसी विशेष बात भी है जिसका वर्णन किया जाए । ram prasad bismil in hindi pdf 

 

हिंदी तथा अंग्रेजी के अनेक आत्मचरित्र को पढ़ने का अवसर आपको मिला होगा और बिना किसी संकोच के हम कह सकते हैं कि राम प्रसाद बिस्मिल का आत्मचरित्र हिंदी का सर्वश्रेष्ठ आत्मचरित्र है जिन परिस्थितियों में लिखा गया था उनके बीच में से गुजरने का मौका लाखों में एक आद को ही मिल सकता है जरा बिस्मिल जी के इस वाक्य पर ध्यान दीजिए।

 

‘’ आज 16 दिसंबर 1927 ईस्वी को निम्नलिखित पंक्तियों का उल्लेख कर रहा हूं जबकि 19 दिसंबर 1927 ईस्वी सोमवार (पौष कृष्ण 11 संवत 1984 ) को 6:30 बजे प्रातः काल इस शरीर को फांसी पर लटका देने की तिथि निश्चित हो चुकी है अतः नियत समय पर इहलिला सनवरण करनी होगी ही ’’

और 19 दिसंबर को वंदे मातरम और भारत माता की जय कहते हुए ही फांसी के तख्ते के निकट गए चलते समय वह कह रहे थे।

 

‘’ मालिक तेरी रजा रहे और तू ही तू रहे,

बाकी ना मैं रहूं, ना मेरी आरजू रहे।

जब तक कि तन में जान, रगों में लहू रहे,

तेरा ही जिक्र या तेरी जुस्तजू रहे। ‘’

 

तत्पश्चात उन्होंने कहा

“ I wish the downfall of the British Empire.

“ मैं ब्रिटिश साम्राज्य का विनाश चाहता हूं।’’ फिर वह तख्ते पर चढ़े और “ ॐ विश्वानि देव सवितर्दुरितानि परासुव ।
यद् भद्रं तन्न आ सुव’’ मंत्र का जाप करते हुए फंदे से झूल गए।

 

ऐसी शानदार मौत जो बिस्मिल को प्राप्त हुई शायद लाखों में किसी एक आध को ही मिल सकती हैं।

ram prasad bismil in hindi pdf 

ram prasad bismil wikipedia in gujarati

ram prasad bismil jayanti

ram prasad bismil poems in hindi

ram prasad bismil books

ram prasad bismil brahmin

ram prasad bismil morena

ram prasad bismil ki shayari

ram prasad bismil slogan

Mopla Book Hindi Pdf मोपला अर्थात मुझे इससे क्या veer savarkar books in hindi pdf

Mopla Book Hindi Pdf

” हिंदू तू कब जागेगा रे ”

मोपला अर्थात मुझे इससे क्या विनायक दामोदर सावरकर

 veer savarkar books in hindi pdf

 

Mopla Book Hindi Pdf मालाबार का भीषण रक्त पात व हिंदू वीनाओं का मार्मिक उपन्यास आधुनिक युग के महान क्रांतिकारी vinayak damodar savarkar की लेखनी से लिखा मुसलमानों की मनोवृति का यथार्थ जीवन चित्रण।

इस पुस्तक में आप पढ़ेंगे दिन दुखी फूट-फूट कर रोती हुई महिलाएं नीच अधर्मीयों ने अपनी क्रूरता का प्रदर्शन कर जिन की साड़ियां भी फाड़ दी थी ऐसी अर्धनग्न कुमारिया की जिनकी लज्जा का हरण किया गया था अपने पिताओं के समक्ष इस निरलज अवस्था और अर्ध भ्रष्ट और अर्धनग्न स्थिति में रहने पर विवश पुत्रियां जो मरने से भी परे मरने सरी की हो गई थी तथा अपनी पुत्रियों और स्त्रियों के सम्मान और जीवन का अपनी आंखों के समक्ष सर्वनाश होते हुए देखने पर विवश अपने पौरुष को धिक्कारते हुए पिता अपनी छातियों से बालकों को लिपटे हुए स्त्रियां और अपने वृद्ध दादा-दादीयों के हाथ पकड़े हुए बालक यह सभी थरथर कांपते हुए तलवारों से ही बनाए गए उस घेरे में उसी प्रकार रोते और गायों के समान ही डकारते हुए घुसा दिए गए। Mopla Book Hindi Pdf 

इस पुस्तक को जिसने नहीं पढ़ा उसने कुछ नहीं पढ़ा हिंदुओं यदि तुम्हारे खून में उबाल खत्म हो गया है यदि वह ठंडा पड़ गया है यदि तुम सेकुलर होने लगे हो और मुसलमानों को अपना मित्र समझने लगे हो तो एक बार इस पुस्तक को पढ़ लेना यदि तुम्हारे अंदर कहीं जातिगत बीजे लेश मात्र भी शेष है तो एक बार इस पुस्तक को पढ़ लेना तुम अपनी कमजोरी समझ पाओगे हिंदुओं और ।

काफी भाई मुझसे यह पुस्तक मांग रहे थे इसीलिए पुस्तक में पीडीएफ में आप सभी की मदद के लिए डाल रहा हूं चाहे आप हिंदू है या मुसलमान आपको एक बार यह पुस्तक जरूर से जरूर पढ़नी चाहिए।

यदि आप हिंदू है तो इस पुस्तक को पढ़कर पता चलेगा कि आपके पूर्वजों ने जाति के नाम पर अपने आप को कितना खोखला बनाया था और मुसलमानों ने आपके पूर्वजों के साथ में कैसे-कैसे अत्याचार किए थे कितने घिनौने अत्याचार किए थे कैसे उनका नरसंहार किया गया था। Mopla Book Hindi Pdf

और यदि आप मुसलमान है और अपने आप को देशभक्त समझते हैं और सोचते हैं कि मैं तो किसी हिंदू से किसी भी का फिर से कोई नफरत नहीं करता तो यह पुस्तक आपको पढ़नी चाहिए आपको पता चलेगा कि सभी मुसलमान एक जैसे होते हैं जब बात इस्लाम की आती है तो उसके लिए कोई काफ़िर मित्र नहीं रहता है इस पुस्तक में तुम मुसलमानों को अपना आईना नजर आएगा। Mopla Book Hindi Pdf

इस पुस्तक को डाउनलोड करने के लिए इस बटन या  इस लिंक पर क्लिक करें

Mopla Book Hindi Pdf

mopla pdf

veer savarkar books in hindi pdf

veer savarkar biography in marathi pdf

hindutva who is a hindu in marathi

savarkar books pdf free download

moplah rebellion in hindi

savarkar kavita pdf

hindutva pdf free download